टेलेंटेड खिला़डियो के साथ लगातार धोखा, इसलिए नहीं ला पाता भारत ओलम्पिक में गोल्ड

जयपुर में खिलाड़ियो के साथ हो रहा अन्याय थमने का नाम नहीं ले रहा है। खिलाड़ियो को उनकी प्रतिभा नहीं, बल्कि उनकी पहुंच देखकर सलेक्ट किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला जयपुर में पावर लिफ्टिंग बैंच प्रेस प्रतियोगिता में देखने को मिला है। जिसमें तीन गोल्ड मैडल प्राप्त खिलाड़ियो की अनदेखी की गई और उनकी जगह दूसरे रसूख वाले खिलाड़ियो को नेशनल में भेजा गया। स्टेट लेवल पर दौसा बांदीकुई में हुई प्रतियोगिता में अशोक शर्मा, सत्यनारायण माली और गोपाल मीणा ने दिसंबर में गोल्ड जीता था लेकिन फिर भी उन्हे नेशनल में नहीं शामिल किया गया। उनका कहना है कि लगातार उन्हे आश्वासन तो मिलते रहे लेकिन अधिकारियो ने उनके साथ धोखा करते हुए उनकी जगह नेशनल खेलने के लिए दूसरे खिलाड़ियो को भेज दिया।

ये खिलाड़ी उनके साथ हुए धोखे का सीधा इल्ज़ाम लगा रहे है राज्य पावर लिफ्टिंग के सचिव विनोद साहू पर… खिलाड़ियो का कहना है कि उन्हे राज्य प्रतियोगिता में प्रथम आने की सूचना भी सचिव द्वारा नहीं दी गई… जबकी इन्होने इस प्रतियोगिता की एंट्री फीस वगैरह सब जमा करवाई थी। इसके बाद इन खिलड़ियो के लाख कहने पर भी इन्हे नेशनल गेम्स की जानकारी नहीं दी गई। खिला़डियो का कहना है कि उन्होने वाट्सएप्प, मैसेज और लेटर सहित हर तरीके से सचिव से संपर्क किया …पर सचिव ने उन्हे कोई जवाब ही नहीं दिया। ये तीनो खिला़डी अब सचिव पर कार्रवाई की मांग करते हुए राज्य सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग कर रहे है ।

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