पाक सरकार आज पीओके में 'जलसा' करेगी, कश्मीरियों के साथ एकजुटता दिखाने की कोशिश



मुजफ्फराबाद. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कश्मीरी नागरिकों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए इमरान सरकार पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में शुक्रवार को ‘जलसा’ कार्यक्रम करेगी।प्रधानमंत्री इमरान खान समेत उनके कई मंत्री इसमें शामिल हो सकते हैं।इमरान खान ने 11 सितंबर को जलसा कार्यक्रम करने का ऐलान किया था।

उन्होंने कहा था कि ऐसे आयोजनों से कश्मीर के नागरिकों को यह बताना है कि पूरा पाकिस्तान उनके साथ है। पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाता रहा है, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारतीय राजनयिकों ने विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के दावों को खारिज कर दिया।

पाकिस्तान ने प्रदर्शन में स्कूली बच्चों को शामिल किया था

पाक सरकार ने 30 अगस्त कोकश्मीर सॉलिडेरिटी ऑवर मनाया था। इसमें लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की गई, लेकिन उनकी यह कोशिश नाकाम रही। अधिकारियों ने स्कूली बच्चों को भी प्रदर्शन में शामिल करने की कोशिश की थी। प्रदर्शन के दौरान ट्रैफिक रोक दिया गया था।

एफएटीएफ की सूची में ब्लैकलिस्ट हो सकता हैपाकिस्तान

भारत विरोधी अभियान के बीच पाकिस्तान को विदेशों से मिलने वाली मदद को लेकर झटका मिल सकता है। पाक अधिकारियों ने यह संकेत दिया है कि बैंकॉक में इस हफ्ते आयोजित एशिया पैसिफिक संयुक्त समूह की बैठक में पाकिस्तान का अपेक्षित मूल्यांकन नहीं किया गया है। उसे जून 2018 में ग्रे लिस्ट में डाला गया था और 27 सूत्रीयएक्शन प्लान को लागू करने के लिए 15 महीने का वक्त दिया गया था। लेकिन, इन पर अमल की स्थिति को देखते हुए माना जा रहा है कि पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की सूची में ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।

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पाक प्रधानमंत्री इमरान खान। -फाइल

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इंटरपोल ने नीरव मोदी के भाई नेहल के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया



नई दिल्ली. पीएनबी घोटाले के आरोपी नीरव मोदी (48) के भाई नेहल (40) के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। यह जानकारी शुक्रवार को सामने आई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंटरपोल से अपील की थी। नेहल पर आरोप हैं कि उसने मनी लॉन्ड्रिंग और सबूत मिटाने में नीरव की मदद की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नेहल के फिलहाल अमेरिका में होने की आशंका है। उसके पास बेल्जियम की नागरिकता है। नीरव की बहन पूर्वी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारीपहले ही जारी हो चुका है।

रेड कॉर्नर नोटिस क्या है?
इंटरनेशनल क्राइम पुलिस ऑर्गेनाइजेशन (इंटरपोल) अपने सदस्य देशों की अपील पर किसी भगोड़े अपराधी के खिलाफ यह नोटिस जारी करता है। इसके जरिए वो अपने 194 सदस्यदेशों को जानकारी देता है कि आरोपी देखा जाए तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाए जिससे प्रत्यर्पण की कार्रवाई शुरू हो सके।

ईडी के मुताबिक पीएनबी घोटाले के खुलासे के बाद नेहल ने दुबई और हॉन्गकॉन्ग में स्थित नीरव की कंपनियों के डमी निदेशकों के मोबाइल फोन नष्ट किए थे। उन्हें दूसरे देश पहुंचाने की व्यवस्था की थी। नीरव अभी लंदन की जेल में है। भारतीय एजेंसियों की अपील पर मार्च में उसकी गिरफ्तारी हुई थी। जमानत अर्जी 4 बार खारिज हो चुकी।

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Nirav Modi, PNB SCAM: Interpol Arrest Warrant Issues Against Nirav Modi Brother Nehal Modi

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न्याय विभाग 9/11 के हमले में शामिल सउदी अधिकारी के नाम का खुलासा करेगा



वॉशिंगटन. अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा कि 11 सितंबर 2001 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर अलकायदा के हमले में कथित तौर पर शामिल एक सऊदी अधिकारी का नाम का खुलासा किया जाएगा। हमले में मारे गए लोगों के परिजनों ने कई वर्षों से इनके नाम जाहिर करने का दबाव बनाए हुए थे जिसके बाद एफबीआई और न्याय विभाग ने इसका फैसला लिया। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि इस नाम को कब जाहिर किया जाएगा।

विभाग ने बताया कि इस अधिकारी के नाम उजागर होने से सऊदी सरकार की सच्चाई सामने आएगी। वे बार-बार अलकायदा से किसी प्रकार के संबंध होने से इनकार करती रही है। इससे उन्हें अरबों डॉलर का नुकसान हो सकता है। एफबीआई की रिपोर्ट में कहा गया कि यह व्यक्ति उन तीन सऊदी अधिकारियों में से एक है जो हमलावरों को सहायता पहुंचाने के लिए अमेरिका पहुंचे थे।

न्याय विभाग ने कहा, “एफबीआई पीड़ितपरिवारों की आवश्यकता और उनकी इच्छा को समझती है कि उनके प्रियजनों के साथ क्या हुआ है और इसके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”

दो व्यक्ति सऊदी में अमेरिकी दूतावास पर हमला किए थे

आधिकारिक रिपोर्ट में कहा गया कि कुछ हमलावरों को सऊदी अधिकारियों से रकम मिली थी। इनमें से कुछ सऊदी के खुफिया एजेंसी के अधिकारी थे। दो व्यक्ति फहद अल-थुमैरी और उमर अल-बेयुमी पर अमेरिका में सऊदी अरब दूतावास में तैनात थे। बाद में एक जांच में इसे खारिज कर दिया कि वे विमान अगवा करनेवाले में शामिल थे लेकिन एफबीआई ने उनके शामिल होने की पुष्टि की थी।

विमान को अगवा करनेवालों में 15 सऊदी अधिकारी थे

एफबीआई के मुताबिक चार विमानों को अगवा करने में 19 लोग शामिल थे जिसमें 15 सउदी के नागरिक थे। इन विमानों से न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, पेंटागन और व्हाइट हाउस या कांग्रेस पर हमला कराया गया था। इस हमले में न्यूयॉर्क, वाशिंगटन और पेंसिल्वेनिया में लगभग 3,000 लोग मारे गए थे। मृतक के परिजनों ने सऊदी सरकार से हर्जाने की मांग की थी।

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11 सितंबर 2001 को वर्ल्ड ट्रेंड सेंटर से उठता धुआं।

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हांगकांग में 21 साल की सैलरी में जबकि लंदन में 8.3 साल की सैलरी से ही घर मिल जाता है



हांगकांग. नए प्रत्यर्पण कानून के बाद पिछले पांच महीनों से हांगकांग में भारी विरोध प्रदर्शन हो रहा है। स्थानीय प्रशासन ने यह कानून वापस लेने की बात कही है, इसके बावजूद लोगों के गुस्से में कमी नहीं आ रही है। इससे वहां की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा। कंपनियों का प्रदर्शन कमजोर हो रहा है और कई सेक्टर में सुस्ती आ गई है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक वहां घरों की बहुत ज्यादा कीमत और किराए ने भी इस विरोध प्रदर्शन को लेकर आग में घी का काम किया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि हांगकांग में लगातार बढ़ती असमानता के कारण वहां का वंचित तबका लंबे समय से उबल रहा था। इस विरोध प्रदर्शन ने उन्हें सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने का जरिया दिया है।

  1. हांगकांग दुनिया के सबसे महंगे रियल एस्टेट क्षेत्रों में से एक है। पिछले पांच साल में ही यहां घरों की कीमत 48% बढ़ी है। सेंट्रल हांगकांग से करीब एक घंटे की ड्राइव पर स्थिति लोकेशन पर एक बेडरूम फ्लैट जिस कीमत पर उपलब्ध है उतने में न्यूयॉर्क के पॉश इलाके में दो बेडरूम फ्लैट खरीदा जा सकता है।

  2. डेमोग्राफिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हांगकांग में घर खरीदने के लिए वहां के औसत निवासी अपनी मौजूदा सैलरी के हिसाब से 21 साल की कुल सैलरी जरूरत होती है। यह विश्व में सबसे ज्यादा है। कनाडा का वेंकूवर और ब्रिटेन का लंदन भी घर खरीदने के लिए महंगे माने जाते हैं, लेकिन वहां की दर हांगकांग के सामने कुछ भी नहीं हैं।

  3. वेंकूवर में घर खरीदने के लिए वहां के औसत निवासी को 12.6 साल की सैलरी की जरूरत होती है। लंदन में यह आंकड़ा 8.3 साल ही है। हांगकांग में प्रति व्यक्ति सालाना आय 48 हजार डॉलर (करीब 34 लाख रुपए) है। वहां 2 बीएचके फ्लैट की औसत कीमत 7.15 करोड़ रुपए है।

  4. यही हाल किराए के घरों का भी है। ब्रिटेन के पूर्व उपनिवेश हांगकांग में घरों का किराया सैन फ्रांसिस्को, न्यूयॉर्क और ज्यूरिख जैसे बेहद महंगे शहरों से भी ज्यादा है। इस वजह से हांगकांग का गरीब तबका ऐसे घरों में रहने को मजबूर है जिसे दुनिया के किसी अन्य हिस्से में पिंजरे के सामान माना जाएगा।

  5. रियल एस्टेट हांगकांग सरकार की कमाई का बड़ा जरिया भी है। 2018 में सरकार की रेवेन्यू का 27% हिस्सा रियल एस्टेट सेक्टर से ही आया था। यह हांगकांग सरकार के लिए फंडिंग का सबसे बड़ा जरिया है। इस तरह की स्थिति के कारण हांगकांग में जिनके पास ज्यादा प्रोपर्टी है वे वहां की राजनीति में भी दखल रखते हैं।

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      Hong Kong, price of houses has increased by 48%, London

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भारत की आर्थिक वृद्धि दर अनुमान से अधिक कमजोर, वित्त वर्ष 2019-20 में 7% रहेगी



वॉशिंगटन.अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा कि कॉरपोरेट और पर्यावरणीय नियामक की अनिश्चितताओं, कुछ गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं की कमजोरीके कारण भारत की आर्थिक वृद्धि दर अनुमान से अधिक कमजोर हुई है।गुरुवार को आईएमएफ ने आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान में 0.3% की कटौती करते हुए वित्त वर्ष 2019-20 में इसके 7% रहने का अनुमान जताया है।

आईएमएफ के प्रवक्ता गेरी राइस ने भारतीय अर्थव्यवस्था की कमजोरी पर चिंता जताते हुएनए आंकड़े पेश करने की बात कही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-जून की तिमाही में भारत की आर्थिक वृद्धि दर सात साल के सबसे निचले स्तर 5% पर रही। जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह स्तर 8% पर थी।

वित्त वर्ष 2021 के लिए आर्थिक वृद्धि दर7.2% रहेगा

आईएमएफ की शुरुआती रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2021 के लिए आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 7.2% लगाया गया। इससे पहले यह अनुमान 7.5% का आंका गया था। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मंदी का मुख्य कारण विनिर्माण क्षेत्र और कृषि उत्पादन में तेज गिरावट आना है। इससे पहले, वित्त वर्ष 2012-13 में अप्रैल-जून तिमाही में सबसे कम आर्थिक वृद्धि दर दर्ज की गई थी। उपभोक्ता की मांग और निजी निवेश कम होने से यह स्तर 4.9% रही थी।

ट्रेड वॉर ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को कमजोर किया
गेरी राईस ने कहा, “अमेरिका-चीन के बीच ट्रेड वॉर ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को झटका दिया है। इससे वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि में अगले वर्ष 0.8% घटने की आशंका है। पिछले एक दशक के वित्तीय संकट के दौरान दुनिया भर में विनिर्माण स्तर पर पहले से ही मंदी का दौर जारी है। उन्होंने कहा, “हमने विनिर्माण क्षेत्र में कमजोरी दर्ज की है। इस प्रकार की स्थिति वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान भी नहीं देखी गई थी।”

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आईएमएफ ने आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान में 0.3% की कटौती की।

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इमरान ने कहा- सोवियत के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका ने पाक के मुजाहिदीनों को ट्रेनिंग दी, अब दोषी ठहराना गलत



इस्लामाबाद.पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि सोवियत के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका ने खुद पाकिस्तान के मुजाहिदीनों को जिहाद के नाम पर ट्रेनिंग दी थी। अब लंबी लड़ाई के बाद उन्हें वहां सफलता नहीं मिली तो हमें दोषी ठहराया जा रहा है, जो पूरी तरह से गलत है। हमने इस लड़ाई में 70 हजार लोगों को खो दिया।

  1. इमरान खान ने कहा, ”1980 के दशक में हमने मुजाहिदीन लोगों को सोवियत के खिलाफ जिहाद करने के लिए प्रशिक्षित किया था, जब उन्होंने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था। इसलिए पाकिस्तान ने मुजाहिदीनों को तैयार किया और इसमें अमेरिका के सीआईए ने पूरी मदद की थी। इसके 10 साल बाद जब अमेरिकी अफगानिस्तान में आए।”

  2. ”अब पाकिस्तान के कुछ समूहों का मानना है कि अमेरिकी वहां (अफगान में) हैं, इसलिए इस जिहाद को आतंकवाद कहा जा रहा है। यह बड़ा विरोधाभास है। मैंने मानता हूं कि पाकिस्तान को तटस्थ होना चाहिए था, क्योंकि जिहाद में शामिल होकर ये समूह हमारे खिलाफ हो गए।”

  3. ”हमने 70 हजार लोगों को खो दिया। हमने 100 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था गंवा दी। आखिर में जब अमेरिकियों को अफगानिस्तान में सफलता नहीं मिली तो इसके लिए हमें दोषी ठहराया गया। मुझे लगा कि यह पाकिस्तान के साथ ठीक नहीं हुआ।”

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      पाक प्रधानमंत्री इमरान खान। -फाइल

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कुलभूषण को दूसरा कॉन्सुलर एक्सेस नहीं देगा पाक, भारत ने कहा- आईसीजे का आदेश पूरी तरह लागू करवाएंगे



इस्लामाबाद.पाकिस्तान ने गुरुवार को भारतीय राजनायिकों को कुलभूषण जाधव से दूसरी बार मिलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। पाक के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैजल ने कहा था कि जाधव को दूसरी बार कॉन्सुलर एक्सेस नहीं दिया जाएगा। इस पर भारतीय ने कहा है कि हम इस मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के आदेश को पूरी तरह लागू करवाने की कोशिश करेंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता र‌वीश कुमार ने कहा कि हम डिप्लोमैटिक चैनल्स के जरिए पाक के साथ संपर्क में हैं।

इससे पहले आईसीजे के आदेशके बाद 2 सितंबर को पाकिस्तान ने कुलभूषण को कॉन्सुलर एक्सेस दिया था। लेकिन, इस मुलाकात के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि एक घंटे की इस मुलाकात के दौरान यह स्पष्ट था कि कुलभूषण अत्यधिक दबाव में थे। उन पर पाक के झूठे दावे को सही साबित करने का दबाव दिखाई दे रह था। कुलभूषण 3 साल से ज्यादा वक्त से पाक जेल में बंद हैं।

जुलाई में आईसीजे ने कॉन्सुलर एक्सेस देने का आदेश दिया

भारत के रिटायर्ड नेवी अफसर जाधव को पाक की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में जासूसी और आतंकवाद के आरोप पर मौत की सजा सुनाई थी। इसके बाद भारत मामले को हेग (नीदरलैंड) स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) में ले गया था। कोर्ट ने जाधव की फांसी पर रोक लगा दी थी। इस साल जुलाई में आईसीजे ने पाक को आदेश दिया था कि वह बिना देर किए जाधव को कॉन्सुलरएक्सेस मुहैया करवाए।

आईसीजे के फैसले के 11 दिन बाद पाक ने काउंसल एक्सेस देने का निर्णय लिया था
पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने रविवार को कहा था कि जाधव को वियना कन्वेंशन के तहत काउंसलर एक्सेस मिलेगा। उन्होंने कहा यह एक्सेस आईसीजे के फैसले और पाकिस्तान के कानून के तहत दिया जाएगा। पाकिस्तान सरकार ने आईसीजे के फैसले के 11 दिन बाद कुलभूषण को सशर्त एक्सेस देने का निर्णय लिया था।

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Pakistan: There would be no second consular access to Kulbhushan Jadhav, Kulbhushan jadhav news updates


पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैजल।

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इमरान खान के मंत्री ने कहा- सरकार ने जमात-उद-दावा पर लाखों रुपए खर्च किए



इस्लामाबाद.पाकिस्तानी सरकार के मंत्री एजाज अहमद ने गुरुवार को कहा किसरकार ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उद-दावा पर लाखों रुपए खर्च किए हैं।अहमद पाकिस्तान के अंदरूनी मामलों के मंत्री हैं। उन्होंने एक स्थानीय न्यूज चैनल से हुई बातचीत में कहा कि हमें प्रतिबंधित संगठन के सदस्यों को मुख्यधारा में लाना चाहिए।

मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान,कश्मीर के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का साथ पाने में नाकामयाब हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री इमरान खान और एक विशेष सत्ता वर्ग पर पाकिस्तान की छवि खराब करने का आरोप भी लगाया। मंत्री अहमद के अनुसार वैश्विक मंचों को यह लग रहा है कि पाकिस्तान एक गंभीर देश नहीं है।

उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान ने कश्मीर से संबंधित मुद्दों को उठाया तो अंतरराष्ट्रीय मंचों ने हमारी बात पर यकीन नहीं कियालेकिन भारत की बातों को माना।

पाक आतंकी कश्मीर में सक्रिय हैं: इमरान
इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अमेरिका में एक कार्यक्रम मेंयह स्वीकार किया था कि पाकिस्तान के आतंकवादी कश्मीर और अफगानिस्तान में सक्रिय हैं। तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के सत्ता में आने से पूर्व की सभी पाकिस्तानी सरकारें अपने यहां के आतंकी संगठनों से हथियार छुड़वाने में नाकाम रही।

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पाकिस्तान के अंदरूनी मामलों के मंत्री एजाज अहमद।

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भारतीय राजदूत नवदीप सूरी यूएई के ऑर्डर ऑफ जायद II से नवाजे गए



अबुधाबी.संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भारत के राजदूत नवदीप सिंह सूरी कोऑर्डर ऑफ जायद II फर्स्ट क्लास से नवाजा गया। उन्हें यह सम्मान विदेश और अंतरराष्ट्रीय मामलों के मंत्री एचएच शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाह्यांने सोमवार को प्रदान किया। सूरी कोदोनों देशों के बीच संबंधों के विकास और मजबूती प्रदान करने के लिए इसके लिए चुना गया है। वे इसी महीने सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

सूरी ने बुधवार को न्यूज एजेंसी से कहा, “मुझे विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला ने बुलाकर एक सरप्राइज दिया। उन्होंने मुझसे कहा कि राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन जायद अल नाह्यांने उन्हें यह विशेष सम्मान देने का फैसला किया है। दूतावास कीहमारी टीम और यूएई में बसे भारतीय समुदाय के उल्लेखनीय कार्यों के कारण यह सम्मान पाकर मुझे गर्व है।”

मोदी पिछले महीने ऑर्डर ऑफ जायद से नवाजे गए

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 24 अगस्त को यूएई का सर्वोच्च सम्मान ऑर्डर ऑफ जायद दिया गया था। उन्हें यहसम्मान अबुधाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यांने प्रदान किया था। यह सम्मान दुबई के संस्थापक शेख जायद बिन सुल्तान अल नाह्यां के नाम पर शुरू किया गया था।

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नवदीप सूरी ने कहा- यूएई के विदेश मंत्री एचएच शेख अब्दुल्ला ने मुझे बुलाकर सरप्राइज दिया।

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मार्स रोवर 2020 मिशन के तहत इच्छुक लोग भेज सकते हैं मंगल पर अपना नाम, नासा ने दिया मौका



वॉशिंगटन. अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा लोगों को मंगल ग्रह पर अपना नाम भेजने का मौका दे रही है। एजेंसी ने गुरुवार सुबह एक ट्वीट किया। इसमें कहा गया कि मार्स रोवर 2020 मिशन के तहत इच्छुक लोग मंगल ग्रह पर अपना नाम भेज सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवाने वालों को नासा एक प्रतिकात्मक बोर्डिंग पास जारी करेगा। एक माइक्रोचिप में पृथ्वी के लाखों लोगों का नाम मंगल पर भेजा जाएगा।

मंगल ग्रह पर नाम भेजने केइच्छुक लोग 30 सितंबर तक ऑनलाइन पंजीकरण के जरिएअपना बोर्डिंग पास प्राप्त कर सकते हैं।

हम ऐतिहासिक मार्स मिशन को लॉन्च करने के लिए तैयार: थॉमस

वॉशिंगटन डीसी स्थित नासा के साइंस मिशन डायरेक्टोरिएट के एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर थॉमस जुरबुचेन ने इस संबंध में स्थानीय मीडिया से कहा कि हम इस ऐतिहासिक मार्स मिशन को लॉन्च करने के लिए तैयार हैं। हम चाहते हैं कि खोज की इस यात्रा को हम सभी के साथ साझा करें। ये अभियान नासा कीचांद से मंगल तक की यात्रा को जन-जन के बीच पहुंचाने के लिए चलाया जा रहा है।

मंगल पर जीवन के संकेतों का अध्ययन करेगा नासा का रोवर
मार्स रोवर मिशन 2020 के तहत नासा अपना 1000 किग्रा वजनी रोवर मंगल पर भेजेगा। यह रोवर मंगल पर पहले अस्तित्व में रहे सूक्ष्म जीवन के संकेतों को जुटाएगा। रोवर मंगल ग्रह के जलवायु और भूगर्भीय विशेषताओं का आंकलन करेगा। पृथ्वी पर वापस लौटने से पहले यह कुछ नमूने भी लेकर आएगा जिससे भविष्य में मंगल ग्रह संबंधी शोध को आगे बढ़ाया जा सकेगा। नासा फिलहाल अपने मार्स रोवर मिशन की तैयारियों में जुटा है।

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प्रतिकात्मक फोटो।

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