स्कूल प्रशासन की मिलीभगत से शिक्षा विभाग को लग रहा लाखों का चूना

पाठशालाओं में यूँ तो शिक्षा दी जाती रही है की ईमानदार बनो भ्रष्टाचार का मुकाबला करो किसी भी तरह की बेईमानी से बचो ना अनैतिक खाओ ना अनैतिक खाने दो इन सब का पाठ पढ़ाने वाले और इस विभाग के अधीनस्थ कर्मचारी ही गड़बड़ घोटाले में शामिल नज़र आरहे हैं। दरसअल ये सब शिक्षा विभाग के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के दफ्तर की नाक के नीचे ही चल रहा है और साहब को खबर तक नहीं।

मामला बड़ा दिलचस्प लेकिन खेदपूर्ण है।

राजस्थान शिक्षा विभाग में इतनी पोल है की अगर किसी स्कूल में आप चाहे एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही क्यों न हों आपकी पहुँच वहां के प्रधान और बाबुओं तक है तो फिर आपको काम पर आने की कोई आवयश्यकता नहीं है आपका स्वस्थ्य ख़राब है तो भी आपकी हाज़री दस्तखत स्वतः दर्ज़ कर वेतन बैंक तक पहुंचा दिया जायेगा। ताउम्र आपकी अटेंडेंस रजिस्टर में लगती रहेगी चाहे आप स्थानीय अस्पताल में हो या दूसरे किसी राज्य के अस्पताल में। और मृत्यु के बाद मामूली वेरिफिकेशन करके आश्रित को तत्काल अनुकम्पा नियुक्ति भी।

देखें पूरा मामला – लगता है पूरे कुएँ में भांग घुली है

शिकायतकर्ता को सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेज़ों के अनुसार जयपुर के एक सरकारी स्कूल में चतुर्थ श्रेणी पद पर रहे श्याम लाल पुत्र गुरु दयाल ने फ़र्ज़ी तरीके से तैयार की गयी किरायेनामे की रसीदों से किराया भत्ता प्राप्त किया। किरायेनामे की रसीदों में अन्यत्र जगह निवास बताया गया जबकि रह कही और रहा था। श्याम लाल वर्ष 2014 से सितम्बर 2017 तक स्कूल में अपने काम पर नहीं आया जिस पर स्कूल स्टॉफ ने हाज़री लगा कर पूरा वेतन वसूल किया जबकि उसे वीआरएस दिया जाना चाहिए था। करीब दो साल तक बिस्तर से नहीं उठ पाने की हालात में भी राज्य सरकार के कोष से पूर्ण वेतन जारी किया गया। शिकायतकर्ता के पास मौजूद दस्तावेज़ों के अनुसार जब श्यामलाल हॉस्पिटल में भर्ती था तब से मृत्यु पर्यन्त हॉस्पिटल और स्कूल दोनों जगह उपस्तिथि दर्ज़ है जो की असंभव है। 2017 में मौत के बाद सभी सरकारी परिलाभ इश्यू कर दिए गए। इतना ही नहीं मृत्यु के बाद श्याम लाल के छोटे बेटे राकेश शर्मा को अनुकम्पा नौकरी दी गयी जबकि राकेश पर आपराधिक किस्म के मामलों पर पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज़ है और ज़मानत पर बाहर है। नियुक्ति हेतु पुलिस वेरिफिकेशन पर भी सवालिया निशान है जो की विभाग में जमा करवाया गया है। इस सारे वाक्ये की जानकारी क्या विद्यालय प्रमुख को नहीं या विद्यालय की भूमिका भी संदिग्ध है।

शिकायतकर्ता ने जब इस मामले की सूचना सम्बंधित अधिकारिओं को दी तो सबूती दस्तावेज़ों के अभाव में शिकायत को दरकिनार कर जाँच को ठन्डे बस्ते में डाल दिया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उस मामले से सम्बंधित अहम् दस्तावेजों को सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त कर उसी विभाग के आला अधिकारिओ को बतौर साक्ष्य शिकायत के साथ प्रस्तुत किया जिस पर मुख्य जिला शिक्षाधिकारी जयपुर प्रथम रतन सिंह ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जाँच हेतु आदेश किये। इसके बाद जाँच की फाइल ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रविंद्र सिंह के पास पहुंची।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रविंद्र सिंह ने बताया की ऐसे एक मामले की जाँच हमें ऊपर से सौंपी गयी है मामला दुर्भाग्यपूर्ण है और इस तरह के भ्रष्टाचार की जाँच के लिए मैंने तीन सदस्ययी कमेटी बनायीं है मैं खुद इसकी गहन पड़ताल पर नज़र रखूंगा।

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शर्म करो डॉक्टर

भरतपुर के कामां अस्पताल में इंसानियत को शर्मशार करने वाली घटना हुई,मामला एक मृतक के शव के पोस्टमार्टम से जुड़ा हुआ है।जहाँ अस्पताल के डॉक्टरों ने मृतक के शव का सभी के सामने खुले में बिना किसी पर्दा ओर गोपनीयता के खुले में भीड़ के सामने पोस्टमार्टम कर दिया । जुरहरा थाना अधिकारी नवल किशोर मीणा ने बताया है कि मृतक की पहचान किशोर राजपूत के रूप में हुई है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।

दरअसल जुरहेरा थाने के गांव सोनोखर के समीप स्थित एक माइनर में संदिग्ध अवस्था में एक व्यक्ति का शव पड़ा मिलने की सूचना पुलिस को मिली जिस पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम के लिए कामां अस्पताल लेकर आई । जहां चिकित्सा अधिकारी प्रभारी प्रमोद बंसल ने बिना मोर्चरी में रखवाए ही गाड़ी से नीचे उतरवाकर स्ट्रैचर पर ही गाडी को आडी लगवाकर  खुले आसमान के नीचे मानवता को शर्मसार करते हुए पोस्टमार्टम कर दिया ।इस दौरान गोपनीयता का कोई ध्यान नहीं रखा गया और ना ही मेडीकल ज्यूरिस्ट के नियमों का ख्याल रखा गया।खुले पोस्टमार्टम की घटना पर जब वहां मौजद स्थानीय मीडिया कर्मीयो ने कैमरे में कैद करने की कोशिश की तो अस्प्ताल प्रभारी ने मीडिया को ही धमका कर बाहर करा दिया ।बाद में इस मामले में जब जुरहेरा थाना प्रभारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि खुले में पोस्टमार्टम करने का जबाब तो डॉक्टर्स ही दे सकते हैं।

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झूठे दुष्कर्म मामले में फंसाने की धमकी देकर करती थी ब्लेकमेल, पुलिस ने दबोचा

राजस्थान पुलिस ने रेप का आरोप लगाकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। दो महिलाओं सहित चार लोगों को दिल्ली से
गिरफ्तार किया है।
पुलिस उपायुक्त साउथ विकास पाठक ने बताया कि अशोक नगर थाना इलाके में घरेलू हेल्पर के रूप में काम करने वाली एक महिला ने आठ अगस्त को शौर्य नाम के युवक पर दुष्कर्म कर गर्भवती बनाने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था।

इसके बाद महिला की एक रिश्तेदार के पति सौरभदास ने आरोपी शौर्य के पिता वीरेन कटारिया से राजीनामा कराने के लिये दबाव बनाया और राजीनामे के लिए 50 लाख रूपये की मांग की। सौरभदास दिल्ली के खानपुर इलाके में प्लेसमेंट सर्विस का ऑफिस चलाता है।

पुलिस के अनुसार सौरभदास ने कई तरीके से डरा धमका कर वीरेन कटारिया से लगातार राजीनामा के लिये पैसे की मांगे। वीरेन कटारिया ने ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज कराकर विगत 21 अगस्त को राजीनामे के लिये सौरभदास से 22 लाख रूपये में सौदा तय किया। इसके तहत तीन लाख रूपये 22 अगस्त को दिल्ली में अपोलो अस्पताल के आसपास लेना तथा बाकी 19 लाख रूपये आरोप लगाने वाली महिला द्वारा आरोपी के पक्ष में बयान देने के बाद देना तय हुआ।
पाठक ने बताया कि स्पेशल टीम ने दिल्ली पुलिस के सहयोग से अपोलो अस्पताल परिसर में यह राशि लेते हुए सौरभदास, जगदेव बेहुरिया (46), उसकी पत्नी लक्ष्मी उर्फ आशा (42) और फरीदाबाद निवासी विमलादेवी (50) को गिरफ्तार कर लिया। सौरभदास तथा विमला देवी कई सालों से घरेलू सहायिका अरेंज कराते थे और दिल्ली में एक स्वयंसेवी संस्थान भी चलाते है। आरोपियों से पूछताछ जारी है।

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फ़र्ज़ी परिवहन अधिकारी धरा गया

जयपुर। पुलिस ने फ़र्ज़ी परिवहन अधिकारी बनकर हाइवे पर ट्रक चालकों से अवैध वसूली करने वाले शातिर को गिरफ्तार किया है। दरअसल जयपुर के समीप दौलतपूरा टोल नाके पर पुलिस द्वारा आने वाले ट्रकों जाँच की जा रही थी। इस दौरान एक ट्रक को रोक कर चालक से कागज़ात मांगने पर चालक ने बताया की बिलौंची पेट्रोल पम्प के पास हाई वे पर आरटीओ ने मुझसे 5000 रूपए और आर सी की फोटो कॉपी ली और नकद की रसीद भी मुझे दी है। पुलिस ने जाँच में पाया की रसीद फ़र्ज़ी है जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज़ कर एक विशेष टीम गठित कर धरपकड़ अभियान शुरू किया। पुलिस उपायुक्त पश्चिम अशोक गुप्ता ने बताया की मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रतन सिंह के निर्देशन में एसीपी दिनेश शर्मा हरमाड़ा थानाधिकारी लखन सिंह खटाणा आदि ने अपनी टीम के साथ आरोपी शक्ति सिंह और आरोपी रमेश कुमार को हाइवे पर अवैध वसूली करते गिरफ्तार किया। गुप्ता ने बताया की आरोपी गण बोलेरो गाडी में अपने तीन चार साथियो के साथ रात्रि में राजमार्गो पर ट्रकों को रोक रोक कर परिवहन विभाग के फ़र्ज़ी अधिकारी बन कर अवैध वसुलियाँ कर रहे थे। जिससे राजस्व की हानि हो रही थी। शक्ति सिंह पहले भी इसी तरह के प्रकरणों में गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस को अंदेशा है की पूछताछ में और भी वारदातों का खुलासा हो सकता है।

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राज्य पीसीपीएऩडीटी का दिल्ली में धावा

चिकित्सक अशोक गुप्ता सहित तीन आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान पीसीपीएनडीटी टीम द्वारा कन्या भ्रूण हत्यारों और भ्रूण लिंग जांच करने वालों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई लगातार जारी है। इस बार टीम ने दिल्ली में इंटरस्टेट कार्यवाही करते हुये एमडी चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार गुप्ता व दलाल ललिता एवं एक अन्य सोनिया कौर को गिरफ्तार किया। साथ ही उपयोग में ली गयी सोनोग्राफी मशीन जब्त कर ली गयी। राज्य दल की यह अब तक की 23वीं इंटरस्टेट सहित 91वीं कार्यवाही है। यह दिल्ली में अब तक की राज्य टीम की पहली कार्यवाही है।
अध्यक्ष राज्य समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी एवं मिशन निदेशक नवीन जैन ने बताया कि श्रीगंगानगर क्षेत्र के मुखबिर के जरिए सूचना मिल रही थी कि कुछ दलाल गर्भवती महिलाओं को हरियाणा व दिल्ली ले जाकर भूर्ण लिंग जांच करवा रहे हैं। टीम भी इन पर लगातार नजर रखे हुए थी और मुखबिरों के संपर्क में रही। पुष्टि के लिए टीम सदस्य पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह व विनोद बिश्नोई ने इस कार्यवाही से पहले गोलूवाला व दिल्ली जाकर रैकी करते हुए मामले की विस्तृत जानकारी एकत्रित की और इसके बाद टीम गठित कर कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।
जैन ने बताया कि टीम सोमवार को ही दिल्ली पहुंच गई और मंगलवार सुबह डमी गर्भवती महिला के जरिए दलाल बबीता से हरियाणा के बहादुरगढ़ में संपर्क किया। जहां से दलाल व उसका पुत्र महिला को दिल्ली के पटेल नगर स्थित किरण डायग्नोस्टिक सेंटर ले गई। यहां चिकित्सक डॉ. अशोक गुप्ता ने जांच कर भ्रूण लिंग की जानकारी दी और चिकित्सक व दलालों ने महिला से पैसे लेकर आपस में बांट लिए। इसके बाद इशारा मिलते ही टीम ने चिकित्सक व दलालों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला है कि तीनों आरोपी लंबे अर्से से इस धंधे में लिप्त थे। वहीं दिल्ली टीम को मौके पर बुलाया गया, जिसमें स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. सत्यजीत कुमार एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ. सौहार्द नाथ मौजूद रहे। एमडी जैन ने दिल्ली टीम का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि भविष्य में भी दोनों टीमें मिलकर ऐसे घिनौना कृत्य करने वालों की धरपकड़ जारी रखेंगे।
परियोजना निदेशक पीसीपीएनडीटी श्री रघुवीर सिंह ने बताया कि इस कार्यवाही में सीआई हरिनारायण शर्मा व अरूण चौधरी, हैड कांस्टेबल डालचंद, देवेंद्र सिंह, लालचंद मीणा, पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह, सहायक के रूप में नवलकिशोर व्यास एवं विनोद बिश्नोई शामिल रहे हैं।

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खुलेगा होटल का राज, जहां हुई थी सुनंदा की रहस्यमय मौत

दिल्ली के जिस पांच सितारा होटल लीला पैलेस के कमरा नंबर-345 में पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर मृत पाई गई थीं, उसे जल्द ही खोला जाएगा। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि 16 अक्टूबर तक होटल के कमरे को वापस खोला जाए। यह कमरा 14 जनवरी, 2014 से बंद है। होटल प्रबंधन की ओर से दायर याचिका पर कोर्ट ने कहा था कि होटल सिर्फ इस बात के लिए नुकसान नहीं उठा सकता कि जांच दल मौत की वजह सुनिश्चित नहीं कर पा रही।
17 जनवरी, 2014 को दक्षिणी दिल्ली के लीला होटल के कमरा नंबर 345 में संदिग्ध परिस्थितियों में सुनंदा पुष्कर की मौत के बाद से ही यह कमरा पुलिस ने सील कर दिया था। होटल प्रबंधन का कहना है कि कमरा बंद होने की से उसे विगत तीन साल में 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। वहीं, सितंबर महीने में सुनंदा पुष्कर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की जांच के सिलसिले में दिल्ली पुलिस के एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने चाणक्यपुरी स्थित पंचतारा लीला होटल के उस कमरे की जांच पड़ताल की थी, जिसमें वह मृत पाई गई थीं। सेन्ट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (सीएफएसफएल) के पांच सदस्यीय दल ने होटल के कमरा नंबर 345 की जांच की थी। इस दौरान फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने जांच प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की थी।
गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर (52) दिल्ली के एक होटल के कमरे में 17 जनवरी, 2014 को मृत पाई गई थीं। पुलिस ने एक जनवरी, 2015 को हत्या का मामला दर्ज किया था। उन्होंने 2010 में शशि थरूर से विवाह किया था।
इसी साल अगस्त महीने में दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनंदा पुष्कर की मौत की जांच में हो रही देरी पर दिल्ली पुलिस को आड़े हाथ लिया था। सुनवाई में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने कहा था कि जांच में पुलिस की ओर से कोई कोताही नहीं बरती गई है।
उन्होंने दावा किया था कि जांच में देरी व्यक्तिगत स्तर पर नहीं, बल्कि वैज्ञानिक रिपोर्ट मिलने में देरी की वजह से हुई है। इस पर पीठ ने कहा था कि जांच को देखना या निगरानी करना उचित नहीं होगा, लेकिन अदालत यह निश्चित तौर पर जानना चाहेगी कि जांच अभी किस स्तर पर है। साथ ही, कहा कि जांच में लगने वाले वक्त की एक सीमा होती है।

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पुलिस मित्र योजना का आगाज़

जयपुर। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर नितिन दीप ने जयपुर के रामगंज थाने में पुलिस मित्र योजना को शुरू किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य आमजन को पुलिस से जोड़ना तथा पुलिस के साथ जनसहभागिता बढाना है। क्षेत्र के प्रत्येक मोहल्ले से सक्रिय एवं सकारात्मक सोच के व्यक्तियों का पुलिस मित्र के लिए चयन किया गया है। ये वालंटियर का भी कार्य करेंगे । त्योहारों , रैली ,जुलूस ,शोभायात्रा एवं अन्य आयोजनों में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए पुलिस का सहयोग करेंगे साथ ही कानून एवं व्यवस्था बनाये रखने में भी पुलिस का सहयोग करेंगे ।पुलिस मित्र की विशिष्ट पहचान बनाने के लिए कैप एवं परिचय पत्र वितरित किए गए। इस योजना में अब तक कुल 707 पुलिस मित्र बनाये जा चुके है और भी पुलिस मित्र बनाये जाएंगे। कार्यक्रम में उपस्थित शान्ति समिति के सदस्यों तथा पुलिस मित्रों ने पुलिस को हर सम्भव सहयोग करने का विश्वास दिलाया । इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त उत्तर सत्येंद्र सिंह , अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त समीर दुबे ,सहायक पुलिस आयुक्त चैन सिंह महेचा तथा रामगंज थानाधिकारी अशोक चौहान ने भी पुलिस मित्रों को कैप पहनाकर परिचय पत्र वितरित किए।

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नकबजन गैंग का पर्दाफाश, दो नकबजन गिरफ्तार

भीनमालपुलिस  द्वारा  चोरी नकबजनी के खिलाफ चलाये जा रहे धर पकड व गिरफ्तारी अभियान के दौरान चोरी दो शातिर नकबजनों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की हैं।  धीमाराम विश्नोई पुलिस उप अधीक्षक  ने बताया कि थाना भीनमाल पर जरिये टेलीफोन सुचना मिली कि रोपसी गांव में दो मकानों में नकबजनी की वारदात हुई हैं। इस सुचना पर थानाधिकारी  कैलाश चन्द्र मीना ने  फगलुराम स.उ.नि., ओमप्रकाश, शंकराराम आवश्यक निर्देश देकर मौजा रोपसी को रवाना किया । पुलिस ने ग्रामवासीयों की सहायता से नकबजनी की वारदात करने वालें बदमाशों के भागने, जाने के रास्तों की पहचान की, जिस पर बदमाशों के पद चिन्हों के आधार पर उनके जाने के रास्ते – रास्ते पुलिस टीम ने  तलाश की। पुलिस जाब्ता व ग्रामीणों को बदमाशान के पद चिन्हों आधार पर रात्रि के समय में लगातार खोजबीन जारी रखने में काफी दिक्कतों का सामना करना पडा। रात्रि के समय अन्धेरे में टोर्चो की सहायता से नकबजनों के पद चिन्हों की पुलिस जाब्ता व ग्रामीणों के द्वारा लगातार खोजबीन जारी रखी गई। नकबजनों के द्वारा कही पर कच्चे रास्ते, पक्के रास्ते, डामर रोड, नदी व खेतों में खडी फसलों का रास्ता अपनाया गया।
पुलिस टीम मय ग्रामीणों के द्वारा बदमाशानों के पद चिन्हों के आधार पर बदमाशानों की तलाश की तो बदमाशों के द्वारा गांव रोपसी में दो मकानों में नकबजनी की वारदात करने के बाद रोपसी से रवाना होकर सरहद वणधर, सरहद किरवाला, सरहद सांवलावास, सरहद सांवलावास से वापस सरहद किरवाला होते हुए सरहद निम्बावास में पुनासा की जाते हुए बदमाशान के नजर आने पर पीछा कर दस्तयाब किया गया।
पुलिस द्वारा रोपसी से लेकर निम्बावास तक लगभग 20 किलोमीटर तक पैदल – पैदल बदमाशानों के पद चिन्हों के आधार पर तलाश जारी रखते हुए कडी मेहनत कर दो बदमाशानों को दस्तयाब कर सोने-चांदी के जेवरात बरामद करने में सफलता प्राप्त की हैं।
शातिर नकबजन पीराराम व अशोक उर्फ भोलाराम ने  रात्रि को भीनमाल थाना क्षेत्र के रोपसी गांव में  जोईताराम पुत्र  सवाराम जाति पुरोहित उम्र 64 साल निवासी रोपसी व बाबुलाल पुत्र  प्रतापराम जाति पुरोहित उम्र 38 साल निवासी रोपसी के दो मकानों में सोने चांदी के लाखों रूपयों के जेवरातों को चुराने की वारदात को अंजाम दिया हैं।
पुलिस  द्वारा  गिरफ्तार मुलजिमान पीराराम पुत्र  छोगाराम उम्र 30 साल जाति चैधरी निवासी वन्नू की ढाणी, पुलिस थाना झाब व अशोक कुमार उर्फ भोलाराम पुत्र  बगदाराम जाति देवासी उम्र 20 साल निवासी पुनासा पुलिस थाना भीनमाल को गिरफ्तार किया गया जो शातिर नकबजन हैं।
 गिरफ्तार दोनों मुलजिमान पीराराम व अशोक उर्फ भोलाराम ने पुछताछ पर करीब एक माह पूर्व गांव आलडी पुलिस थाना भीमनाल में रात्री के समय सोने चांदी के जेवरात व नकदी चुराने की वारदात करना भी स्वीकार किया हैं। पीराराम के खिलाफ थाना भीनमाल, थाना झाब, थाना सायला जिला जालौर, थाना साण्डेराव जिला पाली, थाना गुडामालानी, थाना सिणधरी जिला बाडमेर में पूर्व से ही चोरी, नकबजनी व आम्र्स एक्ट के काफी प्रकरणों में गिरफ्तार होकर चालान हुआ हैं। इसी प्रकार अशोक कुमार उर्फ भोलाराम के विरूद्ध पुलिस थाना भीनमाल, पुलिस थाना कोतवाली जालौर जिला जालौर, थाना समदडी जिला बाडमेर में पूर्व से ही डकैती, लूट, चोरी, नकबजनी व आम्र्स एक्ट के काफी प्रकरणों में गिरफ्तार होकर चालान हुआ हैं। दोनों मुलजिमान पीराराम व अशोक उर्फ भोलाराम के संगीन मामलों में काफी समय से  बंद रहने के दौरान जान पहचान हो गई। दोनों की जमानत होने के बाद जैल से बाहर आकर दोनों ने एक दुसरे से सम्पर्क कर अपनी गैंग तैयार की व वारदातों को अंजाम देना शुरू किया। पीराराम व अशोक ने पुछताछ पर बताया कि योजना के तहत नकबजनी की वारदात कर उनसे प्राप्त रूपयों से चार पहिया वाहन खरीदकर डोडा तस्करी करना चाह रहे थे।
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फलाहारी बाबा भी नपा

जयपुर। पुलिस ने बाबा कौशलेन्द्र प्रपन्नाचार्य ‘फलाहारी’ को अलवर में एक 21 वर्षीय महिला से दुराचार के इल्ज़ाम में गिरफ्तार कर लिया और फिर बाबा को छह अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अलवर पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश ने बताया बाबा को दुष्कर्म और धमकी के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है। पहले फलाहारी बाबा को मेडिकल के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया फिर एसीजीएम के समक्ष पेश किया वहां से उन्हें छह अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत अलवर जेल में भेज दिया
छत्तीसगढ़ की युवती ने बाबा पर अलवर में सात अगस्त को उसके साथ आश्रम में दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने बताया कि युवती के बयान दर्ज कर उसे आश्रम में उस कमरे की पहचान कराने के लिए ले जाया गया, जहां अपराध हुआ था। युवती ने मामले को छत्तीसगढ़ में बिलासपुर पुलिस थाने में दर्ज कराया था, बाद में अलवर के अरावली विहार पुलिस थाने में स्थानांतरित कर दिया गया।

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खुद अपनी जीभ से ओम लिखता था बाबा, फिर लड़की से कहता था चाटो

अलवर के आरोपी फलाहारी बाबा का एक अजीब खुलासा हुआ है। रेप पीड़िता का कहना है कि बाबा जीभ पर शहद से ओम लिख चाटने के लिए कहता था। ऐसा कई महिलाओं और लड़कियों को करने को कहता था इससे तुम्हे से अलग तरह का ज्ञान होगा।
रेप का मामला दर्ज होने की भनक बाबा को लगने पर वो जाकर एक नर्सिंग होम एडमिट हो गया। शाम एसपी राहुल प्रकाश, सीओ अनिल बेनीवाल सहित शहर के कई थाना प्रभारी अस्पताल पहुंचे। बाबा के आईसीयू में भर्ती होने के कारण पुलिस बयान नहीं हो सके।
बाबा को जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी कौशलेंद्र प्रपान्नाचार्य के नाम से भी पुकारा जाता है। पीड़ित युवती द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर ने साक्ष्य के रूप में कपड़े दिए। छत्तीसगढ और अलवर पुलिस ने फलाहारी बाबा के काला कुआं स्थित मधु सूदन सेवा आश्रम में तलाशी ली। पुलिस पहुंचने से पहले ही बाबा निजी अस्पताल में भर्ती हो चुका था। बाबा विश्व हिंदू परिषद के मार्ग दर्शक मंडल में सदस्य भी हैं।
अरावली विहार थाना प्रभारी शीशराम मीना के अनुसार बिलासपुर के महिला थाने में लड़की ने इसी माह 11 तारीख को बाबा के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज कराया।
रिपोर्ट में लड़की ने कहा कि उसके परिवार के बाबा से करीब 25 वर्ष से पारिवारिक संबंध थे। लॉ करने के बाद सुप्रीम कोर्ट में एक वकील के पास इंटर्नशिप की जिससे 3 हजार रुपए का स्कॉलरशिप मिली इस पहली कमाई को वह बाबा के चरणों में समर्पित करने के लिए 7 अगस्त को वह अलवर आश्रम गयी ।आश्रम में शाम करीब 7 बजे बाबा ने उसको मंदिर के बेसमेंट के कमरे में रुकवाया। शाम को बाबा का एक शिष्य आया उनसे लड़की से कहा कि बाबा ने बुलाया हैं।
बाबा ने लड़की को अकेला पाकर कमरे का गेट बंद कर दिया और उसके साथ अश्लील बाते करने के साथ छेड़छाड़ करना शुरू कर दिया। फलाहारी बाबा ने लड़की से कहा वो अपनी जीभ पर शहद से ओम लिखेंगे और तुमको अपनी जीभ से उसे चाटना,ये शिक्षा हमने बहुत से लोगों को दी है। फिर बाबा ने लड़की के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। जब बाबा ये हरकत कर रहा था तब आश्रम का एक बालक आया और बाहर से दरवाजा खटखटाने लगा। जिससे बाबा ने लड़की को छोड़ दिया । लड़की भाग कर बाहर आगयी। अगले दिन सुबह लड़की को बाबा के शिष्य रेलवे स्टेशन छोड़ आए और दिल्ली में अपने भाई के पास आकर भाई को आपबीती सुनाई । दोनों भाई-बहन बिलासपुर पहुंचे व माता-पिता को बाबा की करतूत के बारे बताया। इसके बाद युवती ने बाबा के खिलाफ बिलासपुर महिला थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस जाँच कर रही है।

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