वुमन ऑफ़ द फ्यूचर अवार्ड 2017

बॉलीवुड तारिका कुनिका सदानंद और प्लेबैक सिंगर रविंद्र उपाध्याय ने वुमन ऑफ़ द फ्यूचर अवार्ड के तीसरे संस्करण की जानकारी दी

वुमन ऑफ़ द फ्यूचर अवार्ड 2017

ये अवार्ड समारोह 23 सितम्बर को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित किया जायेगा। अभिनेत्री और समारोह की एम्बेसेडर कुनिका सदानंद ने बताया कि पुरे भारत से 15 कैटेगरीज में इस साल 357 नॉमिनेशन मिले हैं जिसमे ग्यारह महिला सदस्यीय ज्यूरी ने सहमति जताई है। इस कार्यक्रम में राजस्थान सहित मुंबई दिल्ली बंगलोर चंडीगढ़ यूपी गुजरात आदि स्थानों से आने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जायेगा।
इस बार कार्यक्रम की थीम कैंसर जागरूकता रहेगी। और आने वाली आय से कैंसर पीड़ित बच्चों के इलाज में आर्थिक मदद दी जाएगी।
कार्यक्रम में कुनिका सदानंद के साथ सिने तारिका कीर्ति कुल्हारी टीवी कलाकार अनूप सोनी लेखिका नंदिता पूरी और अन्य जानी मानी हस्तियां शिरकत करेंगी।

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” आत्म शुद्धि ” के अर्चना, आराधना होती है – मुनि पीयूष सागर

ध्वजारोहण और मंडल कलश स्थापना के साथ पदमपुरा में शुरू हुआ नवदिवसीय भगवत जिन पदमप्रभ महार्चना एवं विश्वकल्याण कामना महायज्ञ

जयपुर। अतिशय क्षेत्र बाड़ा पदमपुरा दिगम्बर जैन मंदिर में नवदिवसीय नवरात्रा भगवत जिन पदमप्रभ महार्चना एवं विश्वकल्याण कामना महायज्ञ का शुभारम्भ अंतर्मना मुनि प्रसन्न सागर महाराज एवं मुनि पीयूष सागर महाराज और गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी ससंघ सानिध्य में प्रातः 7 बजे ईशागढ निवासी हर्षित, राजेश जैन परिवार द्वारा ध्वजारोहण कर किया गया।
समिति मंत्री हेमंत सोगानी ने बताया की नवदिवसीय भगवत जिन पदमप्रभ महार्चना विधान पूजन मंडल शुद्धि संस्कार व आचार्य, मुनि आमंत्रण संस्कार विधि क्रिया कर बाल बह्मचारी तरुण भईया, इंदौर के निर्देशन में प्रारम्भ हुई। संस्कार क्रिया विधि पश्चात् मंडल पर कलश स्थापित किये गए। कलश स्थापन पश्चात् विधान पूजन की क्रिया विधि संगीत, भजन साथ प्रारम्भ हुई और सभी इन्द्रो सहित श्रावको ने अपने कर्मो की निर्जरा की कामना के साथ अष्ट द्रव्यों से विधान पूजन किया, जिसमे सभी श्रावको ने जल, चंदन, अक्षत, पुष्प, नैवेघ, दीप, धूप, फल के साथ अर्घ चढ़ा सम्पूर्ण जयमाला महार्घ चढ़ाये। मुनि प्रसन्न सागर महाराज संघस्थ मुनि पीयूष सागर महाराज ने विधान पूजन में सम्मिलित श्रावको को सम्बोधित करते हुए कहा की
” भगवत जिन महार्चना का यह विधान कर्मो की निर्जरा का प्रतीक है जिसमे सम्मिलित होने वाला श्रावक और श्राविकाएँ अपने आत्म शुद्धि की और अग्रसर होकर जिनेन्द्र प्रभु की अर्चना और आराधना कर सकते है, पूजन, भक्ति आत्म शुद्धि का वो द्वार है जिसमे प्रवेश करने के पश्चात् प्रत्येक श्रावक का जीवन धन्य और सौभाग्यशाली बन जाता है। इस जगत प्रत्येक प्राणी को अपनी आस्था और श्रद्धा पर विश्वास कर अर्चना, आराधना करनी चाहिए, यह आत्म शुद्धि का सबसे प्रमुख द्वार है। ”
मिडिया प्रभारी अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया की महार्चना प्रथम से ही विधान पूजन में श्रावक और श्राविकाएँ देशभर से उमड़ने प्रारम्भ हो गए गुरूवार को 21 जोड़ो सहित 50 से अधिक एकल में श्रावको ने विधान पूजन कर अर्घ चढ़ाये। सायंकालीन में मूलनायक पदमप्रभ भगवान की महामंगल आरती एवं सामूहिक चलीसा का आयोजन किया गया जिसमे श्रावको ने श्रद्धा – भक्ति के साथ मंगल आरती की और गुरु आरती की, आरती के पश्चात् मुनि पीयूष सागर महाराज एवं गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी ससंघ सानिध्य में गुरुभक्ति का आयोजन हुआ।

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24 सितंबर को जयपुर में दिखेगा बाइक रेसिंग का रोमांच

 

फेडरेशन ऑफ मोटर स्पोर्ट्स क्लब ऑफ इंडिया की ओर से शहर में एमआरएफ मोग्रिप सुपरक्रॉस चैम्पियनशिप-2017 का आयोजन किया जा रहा है। इस टू व्हीलर नेशनल रेसिंग चैम्पियनशिप का आयोजन छह राउंड्स में किया जा रहा है, जिसका तीसरा राउंड जयपुर में रविवार को मानसरोवर में होगा। ऑगनाईजिंग टीम मेंबर व एक्स मोटोक्रॉस चैम्पियन कुणाल सिंह ने बताया कि मानसरोवर में इस इवेंट के लिए स्पेशल ट्रैक तैयार किया गया है। सुपर क्रॉस कैटेगरी में बनाए गए इस ट्रैक की साइज इस बार 750 मीटर है। इसमें 12 डबल जम्प्स, एक कट टेबल टॉप, एक टेबल टॉप, व्हूप्स और बम्र्स (दिवार के साथ बनाए गए टर्न) शामिल होंगे।
चैम्पियनशिप के प्रमोटर व एक्स मोटोक्रॉस चैम्पियन श्याम कोठारी ने बताया कि यह 1 8 वां एडिशन होगा और इस बार इसमें 1 00 राइडर्स हिस्सा लेंगे, जिनमें एक्सपट्र्स व एमेच्युअर शामिल होंगे। इसके साथ ही यह चैम्पियशिप 8 कैटेगरीज में होगी, जिसमें एसएक्स-1 , एसएक्स-2 , जूनियर एसएक्स, इंडियन एक्सपर्ट क्लास ग्रुप बी एंड ग्रुप सी, एक्सपर्ट क्लास ग्रुप सी, नोविस क्लास व लोकल क्लास होंगे। इनमें कैटेगरीज में राइडर्स पार्टीसिपेट करेंगे, जिसमें लोकल क्लास कैटेगरी में राजस्थान के लोकल राइडर्स को मौका मिलेगा नेशनल प्लेटफॉर्म पर आने का। आर्गनाइजिंग टीम के मेंबर देवेंद्र कुमार ने बताया कि इस बार चैम्पियनिशप में जोकर लेन इंट्रोड्यूज की गई है जो कि कोयमबतूर में होगी। गौरतलब है कि चैम्पियनशिप 24 सितंबर को मानसरोवर में सुबह 10 बजे होगी और उसी के साथ ही अवॉर्ड सेरेमनी भी होगी।

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सिंगल प्लेटफार्म पर एकजुट हो सकेगा राजस्थान फैशन सेक्टर

द फैशन डिजाइन काउन्सिल ऑफ़ राजस्थान का लोगो और वेब साईट की लॉन्चिंग
प्रदेश में अब बिखरे हुए फैशन डिजाइनर्स और फैशन से जुड़े रचनात्मक टेलेंट को एक ऐसा मंच मिलने जा रहा है जिसमे प्रोफेशनल तरीके से फैशन डिजाइनर्स अपना टेलेंट दर्शा सकेंगे। दरसअल इस क्षेत्र के प्रोफेशनल्स ने एक परिषद् द फैशन डिजाइन काउन्सिल ऑफ़ राजस्थान का गठन किया है जिसके द्वारा फैशन डिजाइनर्स को सिंगल प्लेटफार्म पर अपना जलवा दिखाने का मौका मिलेगा और फैशन इंडस्ट्रीज ज्यादा डेवेलप होगी। इस टीम में द एफडीसीआर के प्रेजिडेंट पुनीत खत्री,को फाउंडर सिनेमेटोग्राफर आकाश छाबड़ा मेकअप आर्टिस्ट सुंदरा बैंस मेपल प्रोडक्शन डायरेक्टर स्वीटी सोनी , गौरव गौड , अमन वर्मा इंद्रजीत दास शामिल हैं। ऍम आई रोड स्थित होटल में द एफडीसीआर की वेब साईट की लॉन्चिंग हुई।

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जयपुर मेंं अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई, चला जेडीए का पंजा

 

जयपुर विकास प्राधिकरण ने बुधवार को गोपालपुरा बाइपास की सड़क पर 200 से ज्यादा दुकाने व मकान तोड़ दिए। बाकी 200 से ज्यादा निर्माण गुरुवार को तोड़े जायेंगे। इस कार्रवाई का विरोध भी हुआ ज़द में आने वाले मकान और दुकानों के मालिकों कहा की जेडीए ने सोसायटी के पट्टे होने के बावजूद मुआवज़ा नहीं दिया नहीं पुनर्वास का विकल्प दिया। 250 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के होने के कारण लोग ज्यादा विरोध नहीं कर पाए और अपना सामान समेटने में लगे रहे। व्यापारियों ने नवरात्रा व दीपावली के त्यौहार से पहले 400 से ज्यादा परिवारों को उजाड़ने के फैसले को जेडीए आयुक्त वैभव गालरिया और सरकार की तानाशाही बताया है। जेडीए ने गोपालपुरा बाइपास को 160 फीट चौड़ी करने के लिए बुधवार सुबह 7 बजे से कार्रवाई शुरु की  इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए जेडीए ने 15 लोकंड़ा मशीन, 2 पौकलेंड मशीन, एक दर्जन से ज्यादा जेसीबी, ट्रक, ट्रैक्टर व मजदूरों व 250 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के साथ तोड़फोड़ शुरु की। जयपुर डिस्कॉम ने कार्रवाई के दौरान क्षेत्र की बिजली काट दी।
दायरे में आने वाली दुकानों से करीब 700 परिवारों की जीविका चल रही है। दुकानें 25 से 40 साल पुरानी है।

 

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भारत में कैसे अाते हैं रोहिंग्या, कौन कराता है घुसपैठ

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में कहा है कि देश में रह रहे रोहिंग्या मुसलमान अवैध शरणार्थी हैं। इनसे देश की सुरक्षा को गंभीर खतरा है, क्योंकि इनमें से कुछ आतंकी संगठनों से जुड़े हैं। अवैध रोहिंग्या शरणार्थियों की संख्या 40 हजार से ज्यादा है। एजेंटों और दलालों के जरिए संगठित रूप से गैरकानूनी रोहिंग्याओं की म्यांमार से भारत में घुसपैठ कराई जा रही है। यह घुसपैठ पश्चिम बंगाल के बेनापोल-हरिदासपुर और हिल्ली तथा त्रिपुरा के सोनामोरा के अलावा कोलकाता और गुवाहाटी से कराई जाती है। सरकार ने कहा है कि हलफनामें में बताए गए तथ्यों के बारे में एजेंसियों द्वारा जुटाई गई संवेदनशील जानकारी सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को सौंपी जाएगी।
हलफनामे में गृह मंत्रालय ने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थियों को संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत देश में कहीं भी आने-जाने और बसने जैसे मूलभूत अधिकार नहीं दिए जा सकते। ये अधिकार सिर्फ देश के नागरिकों के लिए ही हैं। इन अधिकारों के संरक्षण की मांग को लेकर रोहिंग्या सुप्रीम कोर्ट में गुहार भी नहीं लगा सकते, क्योंकि वे इसके दायरे में नहीं आते हैं। उनका देश में रहना सुरक्षा को गंभीर खतरा है। 2012 से देश में उन्होंने अवैध तरीकों से प्रवेश किया। कई ने पैन कार्ड और वोटर आईडी भी बनवा लिए हैं।
सोमवार को मामला प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सुनवाई पर लगा था। सरकार के अनुसार, रोहिंग्याओं को वापस भेजने का फैसला विभिन्न पहलुओं पर विचार करने के बाद लिया गया है। पीठ ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को नोटिस जारी करने का याचिकाकर्ताओं के वकील प्रशांत भूषषण का अनुरोध भी फिलहाल स्वीकार नहीं किया।
केंद्र की दलीलें
-ये बिना किसी वैध दस्तावेज के भारत-म्यांमार सीमा पार कर आ गए हैं।
-उत्तर-पूर्वी कॉरिडोर की स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं।
-देश में बौद्धों के खिलाफ हिंसक कदम उठा सकते हैं।
-जम्मू, दिल्ली, हैदराबाद और मेवात में इनके आतंकी कनेक्शन की सूचना।
-ये आईएसआई, अलकायदा व अन्य आतंकी संगठनों से जुड़े हैं।
-मानव तस्करी, हवाला कारोबार व देश विरोधी कार्यो में लिप्त हैं।
-इनके कारण कई क्षेत्रों में आबादी का संतुलन गड़बड़ा गया है।
-संयुक्त राष्ट्र दस्तावेज विहीन शरणार्थियों को वापस जाना होगा।

..रोहिंग्याओं की दलीलें
-म्यांमार में व्यापक भेदभाव व हिंसा के कारण भारत में शरण ली।
-म्यांमार के रखाइन प्रांत से भारत व बांग्लादेश में ब़़डी संख्या में लोग आए।
-पूर्व में जो रोहिंग्या आए वे जम्मू, हैदराबाद, हरियाणा, उप्र, दिल्ली–एनसीआर व राजस्थान में बस गए।
-भारत ने मानवाधिकार संधि पर दस्तखत किए हैं, वह उन्हें देश से निकाल नहीं सकता।
-इसलिए रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस म्यांमार भेजने का फैसला अनुचित है।

इस मामले में सुनवाई होते ही प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष एएसजी तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र आज ही हलफनामा दायर करेगा। इसके बाद कोर्ट ने अवैध रोहिंग्या को देश से निकालने के फैसले के खिलाफ जनहित याचिका पर अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को करने का फैसला किया। यह याचिका दो रोहिंग्या शरणार्थियों मोहम्मद सलीमुल्लाह और मोहम्मद शाकिर ने पेश की है। ये दोनों याचिकाकर्ता भारत में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग में रजिस्टर्ड हैं।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने रोहिंग्या मामले में कहा कि हमने अपना पक्ष रख दिया है, अब जो भी फैसला लेना होगा वह सुप्रीम कोर्ट लेगा।

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आडवाणी फिर बनाए गए आचार समिति के अध्यक्ष

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी फिर से लोकसभा की आचार समिति के अध्यक्ष बनाए गए हैं। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने उन्हें नामित किया है। उनके अलावा अन्य 14 सदस्यों को भी अगला कार्यकाल दिया गया है। आचार समिति ही किसी सदस्य के अनैतिक आचरण से संबंधित हर शिकायत की जांच करती है। आचरण संबंधी मामलों में वह स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच करने के लिए भी स्वतंत्र है।

विज्ञप्ति के अनुसार, इसके अलावा पी करुणाकरण सदन की बैठकों में सदस्यों की अनुपस्थित संबंधी समिति के अध्यक्ष बनाए गए हैं, जबकि रमेश पोखरियाल निशंक के हाथों में सरकारी आश्वासनों संबंधी समिति की कमान दी गई है।

चंद्रकांत बी खैरे को सभा पटल पर रखे गए पत्रों संबंधी समिति और दिलीप कुमार मनसुख लाल गांधी को अधीनस्थ विधान संबंधी समिति का फिर से अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। लोकसभा उपाध्यक्ष एम थंबीदुरई को प्राइवेट मेंबर्स बिल्स एंड रेजलूशन कमेटी का चेयरमैन नामित किया गया है। इसके अलावा स्थानीय क्षेत्र विकास योजना समिति का भी उन्हें फिर से अध्यक्ष बनाया गया है।

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दाऊद का भाई इकबाल कासकर उगाही के आरोप में मुंबई से गिरफ्तार

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर को ठाणे पुलिस ने जबरन उगाही के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। ठाणे पुलिस की एंटी-एक्सटोर्शन सेल ने कासकर को उसके मुबंई स्थित घर से गिरफ्तार किया।
इकबाल कासकर को एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने गिरफ्तार किया। प्रदीप शर्मा को हाल ही में ठाणे क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटोर्शन सेल में तैनात किया गया था। बताया जाता है कि अपने 25 साल के शानदार करियर में प्रदीप शर्मा करीब 113 अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर का एनकाउंटर कर चुके हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इकबाल कासकर पर एक बिजनेसमैन से जबरन उगाही का आरोप है। बताया जा रहा है कि इकबाल कासकर गैंग के कुछ लोगों ने एक बिजनेसमैन को फोन कर उसे धमकी दी और पैसे मांगे। प्रदीप शर्मा ने बिजनेसमैन की शिकायत पर कार्रवाई की और कासकर को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल कासकर से पूछताछ की जा रही है।

इकबाल की गिरफ्तारी दाऊद गिरोह पर बड़ी चोट है। हाल ही में दाऊद इब्राहिम की ब्रिटेन स्थित कई प्रॉपर्टी जब्त की गई थीं। साथ ही दाऊद के अलग अलग नामों और ठिकानों की लिस्ट भी जारी की गई थी। इससे पहले फरवरी 2015 में भी कासकर को पुलिस ने जबरन उगाही के लिए गिरफ्तार किया था। सलीम शेख नाम के एस्टेट एजेंट ने पुलिस में शिकायत की थी कि इकबाल कासकर ने उसे अपने घर में बुलाकर तीन लाख रुपये की मांग की और मना करने पर उसकी पिटाई की। इस मामले में कासकर और दो अन्य पर आईपीसी की धारा 385, 323 और 34 के तहत केस दर्ज किया गया था। बाद में उसे इस मामले में जमानत दे दी गई।  
कासकर को वर्ष 2003 में दुबई से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। वह भारत में एक मर्डर केस और एक अवैध निर्माण के मामले में वांटेड था। हालांकि 2007 में वह दोनों ही मामलों में बरी हो गया।
पिछले हफ्ते इकबाल कासकर को उसकी दो जर्जर इमारतें खाली करने का नोटिस जारी किया गया था। इकबाल लंबे वक्त से दक्षिण मुंबई के भिंडी बाजार इलाके में मौजूद डामरवाला इमारत में रह रहा है। मौत से पहले इसी इमारत में सालों तक दाऊद की बहन हसीना पारकर भी रही थी। वहीं दूसरी इमारत जिसे खाली करने का नोटिस दिया गया, वो जेजे मार्ग पर मौजूद शबनम गेस्ट हाउस है। दोनों इमारतों के बाहर तस्कर और विदेशी मुद्रा की हेराफेरी करने वालों की संपत्ति जब्ती के कानून एसएएफईएमए-1976 के तहत चार पन्ने का नोटिस चस्पा कर दिया गया था। इसमें डामरवाला इमारत के फ्लैट और दुकान में रहने वाले इकबाल समेत 26 लोगों को इसे खाली करने को कहा गया था। छह सितंबर को जारी नोटिस में कहा गया है कि दोनों जर्जर इमारतों में रहने वाले लोगों की जान को खतरा है। इन इमारतों में रहने वालों का कहना है कि वे नोटिस के खिलाफ कोर्ट जाएंगे। इस साल की शुरुआत में जब्त संपत्ति संबंधी अपीलीय ट्रिब्यूनल ने केंद्र सरकार को दाऊद की दक्षिण मुंबई की दो संपत्तियों के अधिग्रहण की मंजूरी दी थी।

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दो शिक्षकों ने छात्रा के साथ किया दुष्कर्म, गर्भवती होने पर गर्भपात कराया

राजस्थान में सीकर जिले के हरदास गांव में एक प्राइवेट स्कूल के दो शिक्षक 12वीं कक्षा की छात्रा के साथ दो माह तक सामूिहक दुष्कर्म करते रहे, इतना ही नहीं छात्रा के गर्भवती होने पर शिक्षकों ने एक स्थानीय चिकित्सक से उसका गर्भपात भी करा दिया। अब पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद दोनों शिक्षक फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

पुलिस के अनुसार गांव में स्थित जनता बाल विघा मंदिर उच्च माध्यमिक विघालय में अध्ययनरत 12 वीं कक्षा की एक छात्रा के साथ दो माह तक दो शिक्षकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। अपने साथ हो रही इस हरकत से परेशान छात्रा के गुमुसुम रहने के बावजूद परिजनों ने ध्यान नहीं दिया। इसी बीच छात्रा ने अचानक 20 अगस्त से स्कूल जाना बंद कर दिया,मां ने जब कारण पूछा तो उसने  पेट दर्द की शिकायत की। इस पर मां और भाई छात्रा को दिखाने अस्पताल लेकर गए। इसकी भनक दुष्कर्मी शिक्षक जगदीश यादव को लग गई और वह भी अस्पताल पहुंच गया। उसने छात्रा की मां और भाई को समझाया कि यह अस्पताल अच्छा नहीं है,वह दूसरे किसी अस्पताल में दिखवाने की व्यवस्था करा देगा। छात्रा की मां और भाई शिक्षक की बातों में आ गए। इसके बाद 25 अगस्त को शिक्षक जगदीश यादव के कहने पर पास के ही शाहपुरा कस्बे में स्थित एक प्राइवेट अस्पताल मे लेकर पहुंचे । जगदीश वहां पहले से ही मौजूद था।

छात्रा का चैकअप करते हुए अस्पताल के चिकित्सकों रजनीश शर्मा और कानन शर्मा ने पेट में खराबी बताते हुए आॅपरेशन करने की बात कही। छात्रा की अनपढ़ मां आॅपरेशन कराने के लिए तैयार हो गई और चिकित्सकों ने आॅपरेश के नाम पर छात्रा का गर्भपात कर दिया। छात्रा तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रही, इसके बाद वह घर आ गई। 4 सितम्बर को छात्रा की हालत बिगड़ गई, इस पर परिजन फिर उसे अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने हालत खराब बताते हुए छात्रा को जयपुर के लिए रफैर कर दिया। जयपुर अस्पताल में भर्ती छात्रा ने अपने भाई पन्नूराम को शिक्षकों की करतूत बताई।

छात्रा ने बताया कि दो शिक्षक जगदीश यादव और जगन सिंह एक्सट्रा क्लास के बहाने उसे शाम के समय स्कूल बुलाते थे और फिर दोनों मिलकर दुष्कर्म करते थे। यह बात किसी को बताने पर परीक्षा में फेल कराने और परिजनों को जान से मार देने की धमकी भी देते थे। अपनी बहन से पूरी कहानी सुनने के बाद भाई पन्नू राम ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ अजीतगढ़ पुलिस थाने में जबरन दुष्कर्म और गर्भपात कराने का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस थाना अधिकारी का कहना है कि दोनों शिक्षक फरार हो गए,उन्हे तलाशने के प्रयास किए जा रहे है । गर्भपात करने वाले चिकित्सकों से भी पूछताछ की जा रही है

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राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं रोहिंग्या, कोर्ट इस मामले में दखल न दे : सरकार

केंद्र ने कहा है कि कोर्ट को इस मुद्दे को सरकार पर छोड़ देना चाहिए और देशहित में सरकार को नीतिगत फैसले लेने दिया जाए. कोर्ट को इसमें दखल नहीं देना चाहिए, क्योंकि याचिका में जो विषय दिया गया है, उससे भारतीय नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर विपरीत पर असर पड़ेगा. ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है. सरकार ने कहा कि कुछ रोहिंग्या देशविरोधी और अवैध गतिविधियों में शामिल हैं, जैसे हुंडी, हवाला चैनल के जरिये पैसों का लेनदेन, रोहिंग्याओं के लिए फर्जी भारतीय पहचान संबंधी दस्तावेज़ हासिल करना और मानव तस्करी आदि. सरकार ने कहा कि कई रोहिंग्या अवैध नेटवर्क के जरिये भारत में घुस आते हैं और पैन कार्ड और वोटर कार्ड हासिल कर लेते हैं.

हलफनामे में कहा गया कि केंद्र सरकार ने यह भी पाया है पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन ISIS तथा अन्य आतंकी ग्रुप बहुत सारे रोहिंग्याओं को भारत के संवेदनशील इलाकों में सांप्रदायिक हिंसा फैलाने की साजिश में शामिल किए हुए है. कुछ आतंकवादी पृष्ठभूमि वाले रोहिंग्याओं की जम्मू, दिल्ली, हैदराबाद और मेवात में पहचान की गई है. ये देश की आंतरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो सकते हैं. केंद्र सरकार ने कहा कि रोहिंग्या को यहां रहने की इजाजत दी गई, तो यहां रहने वाले बौद्धों के खिलाफ हिंसा होने की पूरी संभावना है.

सरकार ने कहा कि भारत में आबादी ज्यादा है और सामाजिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक ढांचा जटिल है. ऐसे में अवैध रूप से आए हुए रोहिंग्याओं को देश में उपलब्ध संसाधनों में से सुविधायें देने से देश के नागरिकों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा.इससे भारत के नागरिकों और लोगों को रोजगार, आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा से वंचित रहना पड़ेगा. साथ ही इनकी वजह से सामाजिक तनाव बढ़ सकता है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है. केंद्र सरकार ने 2012 और 2013 की सुरक्षा एजेंसी की रिपोर्ट भी सील कवर में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है.

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