युवा तय करेंगे राजस्थान विधान सभा चुनाव की दिशा

कमल अग्रवाल:-

राजस्थान की 200 सीटों के लिए 7 दिसंबर को चुनाव हो रहा है। राजनीतिक पार्टियां चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं और अलग-अलग वर्गों को रिझाने का प्रयास कर रही हैं। इनमें युवा वर्ग एक ऐसा तबका है जो इस विधानसभा चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाने वाला है। राजस्थान में 2.54 करोड़ मतदाता 18-40 के बीच की आयुवर्ग हैं।

राजस्थान के कुल 4 करोड़ 72 लाख 20 हजार 597 मतदाताओं में 53 प्रतिशत मतदाता 18 से 40 साल के बीच हैं। युवा मतदाताओं की बड़ी संख्या के बाद भी राजनीतिक दल इन्हें तवज्जो देते नहीं दिखते। 2008 में मंत्रिमंडल की औसत उम्र 59 साल थी जो 2013 में बढ़कर 60 साल हो गई। साल 2008 में युवा विधायकों की संख्या 36 थी जो 2013 में घटकर 35 हो गई। विधानसभा में युवा विधायकों की हिस्सेदारी मात्र 18 फीसदी है।

प्रमुख दलों के शीर्ष पर भी नहीं युवा नेता
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी की उम्र 75 साल है। प्रदेश कार्यकारिणी के ज्यादातर नेताओं की उम्र भी 50 के पार है। कांग्रेस ने चुनाव की कमान 40 वर्षीय सचिन पायलट को दे दी है लेकिन कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी में उम्रदराज नेताओं की भरमार है।

जयपुर जिले में सबसे ज्यादा युवा मतदाता
जयपुर 19 विधानसभा सीटों में 24 लाख से ज्यादा मतदाता है। प्रतापगढ़ जिले में सबसे कम 2.65 हजार युवा मतदाता हैं। विधानसभा सीटों के लिहाज से झोटवाड़ा पहले नंबर पर है। जहाँ युवा मतदातों की गिनती 1.94 हजार है।

क्या कहते हैं आंकड़े

राजस्थान की स्थिति एक नजर में

कुल मतदाता                                       47220597

18 से 40 आयुवर्ग के युवा मतदाता       25481736

युवा मतदाताओं का औसत                   53.96%

कुल बूथ                                               51796

नए मतदाता                                         4083970

सर्वाधिक युवा मतदाताओं वाले जिले

कुल मतदाता       युवा मतदाता

जयपुर   4556662           2480394

अलवर   2444927          1335890

नागौर   2364849           1262913

जोधपुर  2442544           1310038

सीकर    1979209            1067154

सबसे कम युवा मतदाताओं वाले जिले

कुल मतदाता    युवा मतदाता

प्रतापगढ़       265996            265996

बूंदी               636093            340428

जैसलमेर       418912            247260

सिरोही           715797           383741

राजसमंद       850323           438122

सबसे अधिक युवा मतदाताओं वाले विधानसभा क्षेत्रविधानसभा

कुल मतदाता    युवा मतदाता

झोटवाड़ा         356039           194619

बगरु               293929          169320

विद्याधर नगर  318501       169261

सांगानेर          301559         165198

बूंदी                286318          157335

सबसे कम युवा मतदाताओं वाले विधानसभा क्षेत्र

विधानसभा    कुल मतदाता युवा मतदाता

केशोराय पाटन    102999    53874

जोधपुर               197565    92845

किशनपोल         196306    100408

खेतड़ी                 202777    101785

अजमेर दक्षिण    200907    102300

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सर्वे: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ भाजपा आगे, राजस्थान में कांग्रेस को बढ़त

सर्वे में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में भाजपा आगे, राजस्थान में कांग्रेस को बढ़त

बड़े राज्य मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान के वाशिंदे अगले कुछ दिनों में नई सरकार का चुनाव करेंगे। एबीपी न्यूज के सीएसडीएस के सर्वे के अनुसार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार फिर आ सकती है, परन्तु राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनने का आसार है। इन चुनावों का प्रभाव निश्चित ही अगले लोकसभा चुनाव पर भी पड़ेगा। और नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की लोकप्रियता का भी पता चलेगा।

मध्य प्रदेश : पहली पसंद शिवराज सिंह
मध्य प्रदेश में विधानसभा की कुल 230 सीटों पर 28 नवंबर को मतदान होगा और परिणाम 11 दिसंबर को आएंगे। सर्वे के अनुसार मध्य प्रदेश में भाजपा बहुमत का आंकड़ा छू सकती है। मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज सिंह चौहान नंबर वन पर बरकरार हैं। 37 प्रतिशत जनता शिवराज को और 24 प्रतिशत जनता ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पसंद बता रहे हैं। मात्र 10 प्रतिशत ने कमलनाथ को अपनी पसंद बताया।

छत्तीसगढ़ : रमन सिंह में आगे
सर्वे के अनुसार अजीत जोगी का गठबंधन कांग्रेस के लिए बड़ी मुसीबत साबित हो सकती है। उन्हें 15 फीसदी वोट मिल सकते हैं। इस वजह से भाजपा फिर बहुमत का आंकड़ा पार कर सकती है। अजीत जोगी के गठबंधन को 4 सीटें मिल सकती हैं। मुख्यमंत्री रमन सिंह 40 प्रतिशत लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। 20 प्रतिशत लोगों ने अजीत जोगी अपनी पसंद बताया। 14 प्रतिशत लोगों ने भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पसंद बताया।

राजस्थान : कांग्रेस बहुमत के नज़दीक
सर्वे के अनुसार कांग्रेस के लिए राजस्थान से खुशखबरी है। सीटों के लिहाज से कांग्रेस बहुमत का आंकड़ा पार कर सकती है। वोट प्रतिशत में भाजपा और कांग्रेस के बीच 4 फीसदी का अंतर है। लोकप्रियता की कसौटी पर मुख्यमंत्री के रूप में वसुंधरा राजे अब भी 32 प्रतिशत के साथ नंबर वन बनी हुई हैं। अशोक गहलोत 26 प्रतिशत, सचिन पायलट 14 प्रतिशत लोगों की पसंद हैं।

तीनों राज्यों का इंफो मैटर

मध्य प्रदेश
किसे कितने प्रतिशत वोट?
कुल- 230 सीट
भाजपा- 41%
कांग्रेस- 40%
अन्य- 19%

कितनी औसत सीटें?
कुल- 230 सीट
भाजपा- 116 सीट
कांग्रेस- 105 सीट
अन्य- 9 सीट

मौजूदा सीटें
भाजपा – 166 (1 अन्य) सत्तापक्ष
कांग्रेस – 57 (6 अन्य) विपक्ष

छत्तीसगढ़
किसे कितने वोट ?
कुल- 90 सीटें
भाजपा- 43%
कांग्रेस- 36%
जोगी गठबंधन – 15%

कितनी औसत सीट
कुल- 90 सीट
भाजपा- 56 सीट
कांग्रेस- 25 सीट
जोगी गठबंधन – 4 सीट

मौजूदा सीटें
भाजपा – 49 सत्तापक्ष
कांग्रेस – 39 (2 अन्य) विपक्ष

राजस्थान
कुल- 200 सीटें
भाजपा- 41%
कांग्रेस- 45%
अन्य – 14%

किसे कितनी औसत सीट
भाजपा- 84 सीटें
कांग्रेस- 110 सीटें
अन्य – 6 सीटें

मौजूदा सीटें
भाजपा – 160 (1 अन्य) सत्तापक्ष
कांग्रेस – 25 (11 अन्य) विपक्ष

प्रधानमंत्री मोदी का काम कैसा?
बहुत अच्छा मानने वाले
मध्य प्रदेश – 25%
छत्तीसगढ़ – 18%
राजस्थान – 34%

मोदी की लोकप्रियता ?
मध्य प्रदेश – 39%
छत्तीसगढ़ – 48 %
राजस्थान- 52%

राहुल की लोकप्रियता ?
मध्य प्रदेश – 33%
छत्तीसगढ़ – 28 %
राजस्थान – 18%

इंडिया टुडे पीएसई सर्वे
मध्य प्रदेश
42 फीसदी मतदाता मौजूदा भाजपा सरकार के पक्ष में
40 फीसदी ने माना कि सरकार बदलनी चाहिए

राजस्थान
43 फीसदी मतदाताओं ने कहा कि सरकार बदलनी चाहिए
39 फीसदी ने वसुंधरा की भाजपा सरकार पर भरोसा जताया

छत्तीसगढ़
43 फीसदी मतदाता रमन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार चाहते हैं
41 फीसदी ने कहा कि सरकार बदली जानी चाहिए

तेलंगाना
43 फीसदी मतदाताओं ने के. चंद्रशेखर राव को पुनः मुख्यमंत्री चुनने की बात कही
25 फीसदी ने कांग्रेस के एन. उत्तम रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाने की बात कही

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शर्म करो डॉक्टर

भरतपुर के कामां अस्पताल में इंसानियत को शर्मशार करने वाली घटना हुई,मामला एक मृतक के शव के पोस्टमार्टम से जुड़ा हुआ है।जहाँ अस्पताल के डॉक्टरों ने मृतक के शव का सभी के सामने खुले में बिना किसी पर्दा ओर गोपनीयता के खुले में भीड़ के सामने पोस्टमार्टम कर दिया । जुरहरा थाना अधिकारी नवल किशोर मीणा ने बताया है कि मृतक की पहचान किशोर राजपूत के रूप में हुई है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।

दरअसल जुरहेरा थाने के गांव सोनोखर के समीप स्थित एक माइनर में संदिग्ध अवस्था में एक व्यक्ति का शव पड़ा मिलने की सूचना पुलिस को मिली जिस पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम के लिए कामां अस्पताल लेकर आई । जहां चिकित्सा अधिकारी प्रभारी प्रमोद बंसल ने बिना मोर्चरी में रखवाए ही गाड़ी से नीचे उतरवाकर स्ट्रैचर पर ही गाडी को आडी लगवाकर  खुले आसमान के नीचे मानवता को शर्मसार करते हुए पोस्टमार्टम कर दिया ।इस दौरान गोपनीयता का कोई ध्यान नहीं रखा गया और ना ही मेडीकल ज्यूरिस्ट के नियमों का ख्याल रखा गया।खुले पोस्टमार्टम की घटना पर जब वहां मौजद स्थानीय मीडिया कर्मीयो ने कैमरे में कैद करने की कोशिश की तो अस्प्ताल प्रभारी ने मीडिया को ही धमका कर बाहर करा दिया ।बाद में इस मामले में जब जुरहेरा थाना प्रभारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि खुले में पोस्टमार्टम करने का जबाब तो डॉक्टर्स ही दे सकते हैं।

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एस.डी.पी.आई. का प्रेसीडेन्ट मीट प्रोग्राम सम्पन्न

भीलवाडा। सोशल डेमाक्रेटिक पार्टी ऑफ इण्डिया (SDPI) राजस्थान की प्रदेश इकाई द्वारा  आयोजित कार्यकम में राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा पदाधिकारियों से सीधे तौर पर संवाद किया गया। मीट द प्रेसीडेन्ट नाम से आयोजित उपरोक्त प्रोग्राम में प्रदेशभर से जिला कमेटियो, विधानसभा, नगर कमेटियों व प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियो ने इस कार्यक्रम में प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया।
कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम.के. फैजी तथा विशिष्ट अतिथियों में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर.पी. पाण्ड््या, राष्ट्रीय महासचिव अब्दुल मजीद, राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद शफी, राष्ट्रीय सचिव सीताराम खोईवाल, राष्ट्रीय सचिव यास्मीन फारूकी, राष्ट्रीय सचिव डॉ तस्लीम रहमानी एवं वीमेन इण्डिया मूवमेन्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष मेहरून्निसा खान ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद रिजवान खान ने की।
कार्यक्रम में उपस्थित समस्त पदाधिकारियों से संवाद स्थापित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी के कार्यकमो एवं नीतियों को निचले स्तर तक पंहुचाने का संदेश दिया तथा आमजन के हितों के लिए संघर्ष करते हुए सभी से तत्पर रहने को कहा । इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद रिजवान खान ने बताया कि पार्टी ने पूरे प्रदेश में आमजन व किसानो की समस्याओं के निराकरण हेतु निरन्तर संघर्ष करते हुए अपनी निर्णायक भूमिका अदा की है जिससे आगामी चुनाव में भाग लेकर एसडीपीआई अपनी उपस्थिति दर्ज कराऐगी।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर.पी. पाण्डया ने देश में कमजोर होते लोकतंत्र पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान केन्द्र की सरकार संविधान की गरिमा को क्षति पंहुचाकर तानाशाही एवं भ्रष्टाचार को बढावा दे रही है जिससे अर्थव्यवस्था को बहुत नुकसान पंहुचा है।
राष्ट्रीय महासचिव अब्दुल मजीद ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं उनके मंत्रिमंडल ने पहले तो कॉरपोरेट घरानों को लाभ पंहुचाया फिर उनको देश से बाहर भगाने की साजिश की जिससे की देश की जनता पर महंगाई व करो का भार बढ़ा है।
राष्ट्रीय सचिव यासमीन फारूकी ने अपने संबोधन मे कहा कि देश एवं प्रदेश में महिलाओं पर बलात्कार, हत्याएं तथा अन्य अत्याचार की घटनाएं अभी तक पिछली सरकारो के समय से ज्यादा अब तेजी से बढी है और इन घटनाओ में भाजपा नेताओं एवं समर्थकों की लिप्तता अधिक पाई गई है जिन पर सरकारें अंकुश नहीं लगा सकी।
कार्यक्रम में सभी प्रतिनिधियों एवं राष्ट्रीय नेतृत्व का स्वागत प्रदेश महासचिव अशफाक हुसैन ने किया तथा धन्यवाद भाषण राष्ट्रीय सचिव सीताराम खोईवाल ने किया।
इस अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में भी राष्ट्रीय अध्यक्ष एम.के. फैजी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर.पी. पाण्ड्या, राष्ट्रीय महासचिव अब्दुल मजीद, राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद शफी, राष्ट्रीय सचिव सीताराम खोईवाल ने संबोधित किया।
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हर मोर्चे पर विफल प्रदेश सरकार – गहलोत

 

कांग्रेस संगठन महासचिव और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सूबे की सरकार को बेरोजगारी,महंगाई,भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरते हुए कई आरोप लगाए। पत्रकार वार्ता में बोलते हुए गहलोत ने राजे सरकार को हर मोर्चे पर फेल बताया,कहा कि  मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे गौरव यात्रा के दौरान बार-बार कह रही है कि कांग्रेस ने जो 50 साल में नहीं किया वो हमने 5 साल में कर दिखाया। जनता जानना चाहती है कि आपकी क्या-क्या उपलब्धियां हैं? आपने राजस्थान को हर क्षेत्र में कमजोर और बदनाम करने का ही काम किया है।  वसुन्धरा जी जिस प्रकार असत्य की राजनीति कर रही है, वह निन्दनीय है। गत 28 वर्षों में से 18 वर्ष तक प्रदेश में भाजपा का शासन रहा है।  अपने शासन के दस वर्षों के कार्यकाल के पांच-पांच ऐसे काम बतायें जो जनता की स्मृति में हो। कांग्रेस के दस साल के कार्यकाल में प्रदेश के समग्र विकास, अकाल प्रबन्धन, जन-कल्याणकारी योजनाएं, आधारभूत ढांचे का विकास आदि कार्य जग जाहिर हैं एवं राजस्थान के वर्तमान स्वरूप की जयपुर सहित पूरे देश में पहचान है।

कांग्रेस सरकार के समय भाजपा शासन में घोषित किसी भी योजना और कार्यक्रम का ना तो नाम बदला गया और ना ही नाम काटे गये जबकि राजे सरकार के दौरान पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की कई विकास योजनाओं और कार्यक्रमों के नाम बदल दिये गये है। आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए स्थापित 100 करोड़ रूपये के आगंनबाड़ी कल्याणकोष, 200 करोड़ रूपये के अल्पसंख्यक कल्याण कोष, 100 करोड़ के ईबीसी कोष को रोक दिया गया। देवनारायण योजना के लिए भी 300 करोड का पैकेज घोषित किया था।
रिफाईनरी, मेट्रो सैकण्ड फेज, डूंगरपुर-बांसवाड़ा-रतलाम रेल परियोजना, परबन सिंचाई एवं पेयजल परियोजना, मेमू कोच फैक्ट्री, धौलपुर से सरमथुरा नैरोगेज का कन्वर्जन एवं सरमथुरा से गंगापुर तक नई ब्रॉडगेज लाईन, अजमेर-नसीराबाद-सवाईमाधोपुर रेल लाईन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को क्यों लटकाये रखा। ऐसा करके राजस्थान के विकास को अवरूद्ध करने का अपराध वर्तमान भाजपा सरकार ने पिछले पांच सालों में किया है।
भामाशाह कार्ड बनाने में भी भयंकर भ्रष्टाचार हुआ। भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना को लाकर इस सरकार ने भ्रष्टाचार को पनपाने के साथ-साथ निःशुल्क दवा योजना को कमजोर करने का ही काम किया है। इस संबंध में घोर लापरवाही बरती गयी। अब सीएजी की रिपोर्ट में भी इन योजनाओं के बारे में गंभीर टिप्पणी की गयी है।  बीमा कम्पनी और निजी अस्पतालों के बीच हुये गठजोड़ को लेकर बार-बार सवाल उठाये जा रहे है। हजारों रूपये के फर्जी बिल बनाकर भुगतान उठाया जाता रहा। चिकित्सा विभाग ने भी बीमा कम्पनी के 106 करोड़ रू. की प्रीमियम राशि को रोक दिया है। बीमा कम्पनी एवं निजी चिकित्सालयों के बीच पैदा हुए विवाद का अविलम्ब हल निकालना चाहिए।
कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई एवं पेट्रोल-डीजल की बढ़ी दरों के विरोध में भारत बंद का सफल आयोजन किया, राजस्थान सहित देश भरत में भारत बंद को भरपूर जन समर्थन मिला। इसके बावजूद भी सरकार की आंखे नहीं खुली। कांग्रेस के दबाव को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का 4 प्रतिशत वेट कम करना पड़ा, जो नाकाफी है। पेट्रोल-डीजल को जी.एस.टी. के दायरे में लाना चाहिये और रोज जो दरें बढ़ रही हैं, उसको बंद किया जाना चाहिए।
रसोई पर महंगाई के बढते दबाव के बावजूद गैस सिलेण्डर में कोई कमी नहीं की गयी। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने प्रति सिलैण्डर 25 रूपये की कमी की थी। गैस सिलेण्डर की बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार को कम से कम 100 रूपये प्रति सिलेण्डर की राहत प्रदान करनी चाहिये।
चुनाव के दौरान वसुंधरा राजे ने 15 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का वायदा किया था। राष्ट्रीय स्तर पर बेरोजगारी की दर 6 प्रतिशत है, जबकि राजस्थान में यह 10 प्रतिशत तक पहुंच गई है जो चिंताजनक है।
मुख्यमंत्री युवाओं को 16 लाख नौकरियां उपलब्ध कराने का लगातार दावा कर रही है जबकि सी.ए.जी. की हॉल ही में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार आरएसएलडीसी से 1,27,817 प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं में से 42,758 युवाओं को ही रोजगार दिया गया है, जिसके सत्यापन पर मात्र 9,904 वास्तविक पाये गये।
भाजपा सरकार ने प्रदेश में पहली बार लाभार्थी और वंचित के नाम से दो अलग-अलग वर्ग बना दिये हैं। पहले प्रधानमंत्री का लाभार्थी संवाद, मुख्यमंत्री का एससी/एसटी, सफाई कर्मचारी तथा नवनियुक्त शिक्षकों तथा अब पुलिसकर्मियों को बुलाकर राजनीतिक हित साधने के लिये लाभार्थी संवाद आयोजित कर रही है, ऐसा करके मुख्यमंत्री राजस्थान को कहां ले जायेगी। इसका जनता आगामी चुनावों में सबक सिखायेगी।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभान्वित परिवारों के लिये भामाशाह डिजिटल परिवार योजना लागू कर सरकारी खजाने से मोबाईल हेतु एक-एक हजार रूपये की राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इस योजना पर खर्च होने वाले 1000 करोड़ रूपये का लाभ कम्पनी विशेष को ही मिलेगा। सरकारी मशीनरी एवं जनता के पैसे का ऐसा दुरूपयोग पहली बार हो रहा है।
गौरव यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री इसी तरह कई ऐसी लोक-लुभावन घोषणायें कर राजनीतिक हित साधने का असफल प्रयास कर रही है। जिनके लिये ना तो कोई बजट प्रावधान है और ना ही इन घोषणाओं को पूरा करना अब उनके बस में है। मुख्यमंत्री ने चुनाव के समय पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर कल्याणकारी योजनाओं बजट प्रावधानाओं के साथ लागू करने पर रेवड़िया बांटने का आरोप लगाया था, लेकिन अब वे खुद बिना बजट के क्या कर रही हैं?
माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय ने भी गौरव यात्रा के दौरान सरकारी कार्यक्रमों के आयोजन के नाम पर सरकारी पैसे के खर्च पर रोक लगा दी है। बावजूद इसके भाजपा सरकार द्वारा सरकारी पैसे एवं मशीनरी का दुरूपयोग किया जा रहा है।
सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस के समय राज्य पर वर्ष 2012-13 में 1,17,809 करोड़ रूपये का कर्ज भार था आज उसके दुगने से भी अधिक कर्ज राज्य की जनता पर डाल दिया गया है। वर्ष 2018-19 के बजट अनुमानों के अनुसार अब राज्य पर कुल कर्जा 3.08 लाख करोड़ रूपये (उदय योजना सहित) हो गया है।
आज गांव गरीब एवं किसान सरकारी उपेक्षा के कारण परेशान और बेबस है। भाजपा सरकार के दौरान राजस्थान में पहली बार उपज के सही मूल्य नहीं मिलने और कर्ज के दबाव के कारण किसान लगातार आत्महत्या के लिये मजबूर हो रहे है। फसल बीमा योजना के नाम से किसानों को लूटा जा रहा है और बीमा कम्पनियों को ही फायदा पहुंचाने का कार्य किया गया है।
यूपीए सरकार द्वारा ग्रामीण, गरीबी उन्मूलन एवं रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की गयी ‘नरेगा‘ योजना को चौपट कर दिया। भुगतान जान-बूझकर 6-8 महिन तक नहीं किया गया, जिससे मजदूरों ने काम मांगना बंद कर दिया।
प्रदेश के कई गांव अकाल की चपेट में है, जिस और मुख्यमंत्री का कोई ध्यान नहीं है। वे तो केवल चुनरिया ओढ़ने एवं थोथी घोषणाएं करने में ही आत्ममुग्ध हो रही है। भले ही जनता बिजली, पानी और अकाल की समस्याओं से परेशान हो।
पेयजल समस्या से झूझ रहे प्रदेश की हजारों करोड़ रूपये की योजनाओं को समयबद्धता से पूरा नहीं करने के कारण जनता परेशान हो रही है। इस संबंध में कैग द्वारा भी सरकार की अकर्मण्यता पर सवाल उठाए गये है। भाजपा सरकार ने इंदिरा गांधी नहर, चंबल, माही, नर्मदा आदि स्रोतों पर आधारित 22 हजार करोड़ रूपये की योजनाओं की गति को कमजोर कर दिया है।
कांग्रेस सरकार की प्राथमिकता में जहां रिफायनरी, परवन सिंचाई एवं पेयजल परियोजना, मैमू कोच फैक्ट्री, मैट्रो, डूंगरपुर-बांसवाडा-रतलाम रेल परियोजना, धौलपुर से सरमथुरा नैरोगेज का कन्वर्जन एवं सरमथुरा से गंगापुर तक नई ब्रॉडगेज लाईन, अजमेर-नसीराबाद-सवाईमाधोपुर रेल लाईन जैसी महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाऐं रही। वहीं राजे सरकार की प्राथमिकता में खान, पेयजल, परिवहन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आर.टी.डी.सी. होटलों को बेचना, शहरों की बेशकीमती जमीनों की खरीद-फरोख्त, स्मार्ट सिटी और आई.टी. हब के नाम से अधिकारियों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार को पनपाना एवं भ्रष्टाचारी अधिकारियों को बचाना ही रहा है।
राजे सरकार में कानून के शासन के प्रति आमजन का इकबाल खत्म सा हो गया। दुष्कर्म, डकैती, चोरी, लूट एवं चेन स्नैचिंग की घटनाएं रोजमर्रा होने लगी है। दलितों पर उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ी है। इन वर्गो के प्रति अधिक अपराध हो रहे है। प्रतिदिन प्रदेश में दुष्कर्म की 10 घटनाएं और गैंगरेप हो रहे है। प्रदेश में 3-4 साल की बच्चियों के साथ दुष्कर्म होने की घटनाओं से प्रदेश शर्मसार है। चित्तौड़गढ़ में तो नाबालिग बच्ची के साथ हुई दरीदंगी के बाद उसका जीवन बचाने के लिये गर्भाशय (न्जमतने) तक निकालना पड़ा। अब वो जीवनभर मां नहीं बन सकेगी। राजधानी जयपुर में पुलिस की लापरवाही की वजह से आए दिन घटित होने वाली डकैती की घटनाओं से आमजन में असुरक्षा का भाव व्याप्त हो गया है। गोपालपुरा बाईपास स्थित 10बी स्कीम एवं मानसरोवर क्षेत्र में घटित डकैती की घटना एवं डकैतों द्वारा मकान मालकिन की निर्ममता से हत्या कर दी गयी। यदि पुलिस ने तत्परता दिखाई होती तो वारदात रोकी जा सकती थी। इसी तरह पूर्व में वैशाली नगर में पति के सामने पत्नी का दुष्कर्म कर डकैती की घटना हुयी जो सरकार के लिये शर्मनाक है।
प्रदेश में पहली बार राजे सरकार में मॉब लिंचिंग की घटनाएं घटित हो रही है। अलवर में पहले पहलू खान को भीड़ ने मार डाला, और फिर रामगढ़ में रकबर की मौत हुयी। प्रतापगढ़ में जफर हुसैन पर हमला किया गया। राजसंमद में बंजारा लोगों पर हमला किया गया। भीलवाड़ा में ट्रक जला दिया गया और तमिलनाडू सरकार के अधिकारियों पर हमला किया गया। झालावाड़ सिविल सोसाइटी द्वारा आयोजित जवाबदेही यात्रा पर भाजपा विधायक की अगुवाई में सशस्त्र भीड़ द्वारा हमला। अलवर के रकबर की मौत को लेकर गृहमंत्री श्री गुलाब चंद कटारिया ने पहले कहा कि रकबर की मौत पुलिस स्टेशन में हुयी और बाद में कहा कि भीड़ ने उसे मारा। ये स्थिति तो राज्य के गृहमंत्री की है। यदि मुख्यमंत्री शुरू से ही कानून व्यवस्था की स्थिति पर ध्यान देती तो तो घटनायें नहीं होती और उनकी पुनरावृत्ति को भी रोका जा सकता था।
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शनिदेव बदल रहे हैं चाल, चमकेगी इन 5 राशि वालों की किस्‍मत

न्याय के देवता शनि देव 6 सितंबर से अपनी चाल बदल रहे हैं। इसके प्रभाव से इन 5 राशियों की किस्मत के ताले खुलने की उम्‍मीद है। इनके रुके या अटके हुए काम बन जाएंगे और सफलता कदम चूमेगी। कौन सी हैं वह 5 राशियां जिनके जीवन में आएगा यह बदलाव।

मेष राशि
आप की सोची गई सभी योजनाएं शनि देव की कृपा से पूरी होने वाली हैं। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो जाएंगे। शनिदेव की कृपा से इस राशि के लोगों का भाग्य खुल गया है। भाग्य की मदद तो आपके साथ बनी ही रहेगी लेकिन आपको धैर्य भी रखना होगा। ऐसे में देरी तो जरूर होगी लेकिन आपके सभी अच्छे कार्य सफल होंगे।

कर्क राशि
लंबे समय से चल रहे कर्ज से छुटकारा मिलने के संयोग हैं। जो असफलता के कारण आज तक आपको हानि होती आई है उससे छुटकारा मिलेगा। व्यापार में भी आप प्रगति की ओर बढ़ेंगे। अदालत में अनसुलझे मामले निपटने की उम्‍मीद बढ़ गई है। आगे आने वाले सभी अहम फैसले आपके पक्ष में होने वाले हैं। शनि देव आपका भरपूर साथ देंगे और लंबे समय से चल रही परेशानी से छुटकारा मिलेगा।

तुला राशि
शनिदेव का साथ मिलने के कारण तुला राशि के लोग साहस और पराक्रमशील हो जाएंगे। तुला राशि के लोगों का भाग्य भरपूर साथ देगा। जो भी आपकी मुराद अब तक पूरी नहीं हो पाई है शनि देव अब उसे पूरी कर देंगे। केवल आपको कार्यक्षेत्र में थोड़ी अधिक मेहनत करने की जरूरत है इससे आप सफल जरूर होंगे। पारिवारिक तनाव कम होने के संकेत भी दिख रहे हैं।

वृश्‍चिक राशि
इस राशि के जो लोग धन के कमी से ग्रस्त थे, जल्द ही इस समस्या से छुटकारा मिलने की उम्‍मीद है। शनिदेव की अनुकंपा से ठंड की वजह से पिछड़े कार्य सफल होंगे। भौतिक संसाधनों में सुख का संयोग बन रहा है। शेयर के कारोबार में आपको अच्छा फायदा मिल सकता है। कामकाज और मुनाफा को देखते हुए परिवार को कम समय देना आपकी भूल हो सकती है इसलिए ऐसा करने से बचें।

मकर राशि
मकर राशि के लोग हर काम को धैर्य और संयम से करते रहें, सफलता जरूर मिलेगी। जल्द ही शनिदेव आपकी राशि के स्वामी बनने वाले हैं जिसके कारण रुके हुए सभी कार्य सफल होंगे। आपको धन से संबंधित लाभ भी मिलने वाला है। यह साल खत्म होते-होते शनिदेव आप पर महान कृपा करके जाएंगे साथ ही आप अच्छा मुनाफा भी मिलेगा।

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भाजपा के लिए खतरे की घंटी

एससी/ एसटी अत्याचार निरोधक कानून पर भाजपा में सवर्ण नेताओं की चिंता बढ़ने लगी है। भाजपा की चिंता है कि इस मामले की वजह से पार्टी का हिंदुत्व कार्ड कमजोर न पड़ जाए। पार्टी के एक सांसद ने कहा कि हिंदुत्व के मसले पर पार्टी को अगड़ी जातियों के बड़े वर्ग का समर्थन मिलता रहा है। इन जातियों का मोहभंग पार्टी के लिए खतरे की घंटी हो सकता है। करीब दर्जन भर नेताओं ने अलग अलग तरीके से पार्टी को अपना फीडबैक देकर उत्तरप्रदेश सहित कई जगहों पर पनप रहे आक्रोश की जानकारी दी है।

दुरुपयोग रोकने का भरोसा दें

पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र के बाद कई अन्य नेताओं ने इस मामले में आलाकमान को अपना फीडबैक दिया है। बांदा से भाजपा सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ने कहा कि एससी/एसटी कानून से लोगों को आशंका है कि इस मामले में बिना जांच के जेल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि दहेज कानून हो, महिलाओं से छेड़छाड़ का कानून हो या फिर एससी/ एसटी कानून इसका दुरुपयोग होता रहा है। कई बार विरोधी इसे हथियार के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। इनका दुरुपयोग रोकने का भरोसा दिया जाना चाहिए।

दिशानिर्देश जारी करे सरकार

भाजपा सांसद ने कहा कि कानून का दुरुपयोग रोकने के लिए एक स्पष्ट दिशानिर्देश जारी होना चाहिए। भाजपा सांसद ने कहा कि लोगों में गुस्सा है। यह आशंका है कि रिपोर्ट दर्ज होते ही कार्रवाई हो जाएगी। उन्होंने कहा, रिपोर्ट तुरंत दर्ज हो इसमें आपत्ति नहीं है। लेकिन रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उचित जांच के बाद ही कोई कार्रवाई होगी यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

अपना दल सांसद ने कहा- जांच के बाद एफआईआर हो

सहयोगी दल अपना दल के सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने ‘हिन्दुस्तान’ से कहा कि एससी/ एसटी ऐक्ट में बिना जांच के एफआईआर दर्ज नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी इसका दुरुपयोग कर सकता है। सिंह ने कहा, सरकार ने दलित सांसदों के दबाव में आकर जल्दी में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को बदलने का फैसला किया। उन्होंने कहा पैसे लेकर कोई आरोप लगा दे और आरोपी व्यक्ति को बिना जांच के छह माह के लिए जेल भेज दिया जाएगा। सांसद ने कहा, हमने इस मामले में 9 सितंबर को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की बैठक बुलाई है। बैठक के निर्णय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को अवगत कराया जाएगा। कई सांसद नाम न छापने की शर्त पर इस मामले में नुकसान की बात कर रहे हैं। एक सांसद ने कहा कि पार्टी को संतुलन के लिए तुरंत कदम उठाना चाहिए।

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एससी/एसटी एक्ट के खिलाफ सवर्णो का भारत बंद

अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार अधिनियम (एससी/एक्ट कानून) को लेकर लाए गए अध्यादेश के खिलाफ कथित तौर पर सवर्ण समुदाय तरफ से बुलाए गए भारत बंद का देशभर में व्यापक असर देखने को मिल रहा है।मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में लोग इसके खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

बिहार में कई जगहों पर बाजार बंद नजर आ रहा है और भारत बंद का आह्वान कर रहे लोग जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ के मुंगेर और दरभंगा में ट्रेनों को रोक दिया गया है। जबकि, उत्तर प्रदेश के वाराणसी में लोग सड़कों पर उतर कर इसका विरोध कर रहे हैं।

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जयपुर में 56 वर्षीय रोगी की जटिल ओपन हार्ट सर्जरी कर बचाई जान

फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल जयपुर के डॉ.समीर शर्मा, अतिरिक्त निदेशक हृदय शल्य चिकित्सा विभाग के नेतृत्व में चिकित्सकों की एक टीम ने अत्यंत चुनौती पूर्ण जटिल सर्जरी करके 56 साल के एक व्यक्ति का जीवन बचाने में कामयाबी हासिल की है।


रोगी की छाती में तेज़ दर्द और दोनों पैरों में सुन्नता आने पर उसे फोर्टिस हॉस्पिटल की इमरजेंसी में लाया गया, जहाँ पर जाँच करने पर पाया गया कि उदर की महाधमनी में अवरोध है। जिससे रोगी के पैरों में रक्त संचार नहीं हो पा रहा है और लकवे जैसी स्थिति बनी हुई है। आगे और जांचे करने पर पता चला की मरीज़ के बाएं निलय की मुक्त दीवार भी डेमेज है इसके साथ ही सुडोएनयूरिज़्म केविटी में खून में तैरते हुए थक्के भी हैं जिसका प्राथमिकता से इलाज किया जाना ज़रूरी था अन्यथा रोगी की जान पर बन आ सकती थी।
चिकित्सक समीर शर्मा ने बताया की ये एक बेहद जोखिम भरा केस था एक तरफ तो बाये निलय की मुक्त दीवार डेमेज थी वहीँ दूसरी तरफ डोएनयूरिज़्म केविटी के फ्लोटिंग क्लॉट्स से ये चुनौती और जटिल हो गयी थी, खून के थक्के प्रवाह के साथ किसी भी दूसरे अंगो को नुकसान पहुंचा सकते थे। इसलिए हमने बड़ी सावधानी से एमब्लॉकटॉमी के द्वारा दोनों पैरों के रक्त प्रवाह को रोकने वाले थक्कों को हटाया और गहन अवलोकन करके मरीज़ की सामान्य स्तिथि होने पर ओपन हार्ट सर्जरी करके बाएं निलय की मुक्त दीवार और तैरते थक्कों का उपचार किया।
इस तरह की अत्यंत जटिल हृदयावस्था में ज्यादातर रोगी अस्पताल लाते समय या अस्पताल लाने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। या जो अस्पताल पहुँच भी जाते हैं तो बेहद जोखिम पूर्ण सर्जरी के कारण इस तरह के ऑपरेशन की मृत्युदर 50 फ़ीसदी रहती है। हमने इस तरह की सर्जरी को सफलतापूर्वक क्रियान्वित कर दिया है रोगी अब खतरे से बाहर है।
इस बारे में फोर्टिस हॉस्पिटल के रीजनल निदेशक प्रतीम तम्बोली ने कहा कि दक्ष कौशल ,स्पेशलिटी ,तकनीकी और उच्च कोटि की आधारभूत सुविधाओं के माध्यम से हम ये खास उपचार कर पाए। हमारे काबिल स्टाफ अनुभवी डॉक्टर्स डॉ समीर शर्मा और उनकी कुशल टीम जिसमे डॉ मुकेश गर्ग ,डॉ अजय शर्मा, नर्सिंग और ओटी टीम शामिल हैं जिन्होंने ये काबिले तारीफ उपचार किया है।

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मुख्यमंत्री कौन बनेगा ये प्रदेश का मतदाता तय करेगा कोई पार्टी अध्यक्ष नहीं —तिवाड़ी

अजमेर।  भारत वाहिनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गौरव यात्रा के नाम पर आमजन का पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा है। सरकार इस तरह से जानबूझकर आर्थिक अपराध कर रही है। ये ”गौरव यात्रा” नहीं ”कौरव यात्रा” है, राज्य सरकार इस यात्रा के माध्यम से राजस्थानी मान का चीर हरण कर रही है, जिसे जनता कभी माफ नहीं करेगी।  घनश्याम तिवाड़ी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित किये जाने पर ​कहा कि अमित शाह  ‘प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन बनेगा’ ये तो राजस्थान की 7 करोड़ जनता तय करेगी।  देश में तानाशाही शासन नहीं है लोकतांत्रिक शासन चल रहा है और लोकतंत्र में किसी पार्टी का अध्यक्ष नहीं प्रदेश का मतदाता तय करता है कि किसे सीएम बनाना है और किसे हटाना है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की एक एक दीवार पर स्पष्ट लिखा है कि विधानसभा चुनाव 2018 में भाजपा की ऐतिहासिक हार होने वाली है। इस सरकार ने काला कानून, एसआईआर बिल, 13 नंबर के बंगले पर कब्जा करने जैसे काले कारनामों को शह देने से आमजन में असंतोष की लहर पैदा कर दी है। काला कानून जैसा बिल अगर विधानसभा में पास हो जाता तो हम लोग आज अजमेर में बैठकर बात नहीं कर रहे होते। वहीं इस प्रदेश सरकार ने स्थानान्तरण को गृह उद्योग में ही परिवर्तित कर दिया। तिवाड़ी ने कहा कि हमारा राज्य भले ही पीएसी की पीएआई रिपोर्ट में पिछड़ा घोषित किया जा चुका है अगर इस स्थानान्तरण की दर को विकास दर में जोड़ दिया जाए तो राजस्थान की विकास दर भारत की विकास दर से भी ज्यादा हो जायेगी।

ईबीसी आरक्षण के लिये भी ब्राह्मण, राजपूत, वैश्य और अन्य आरक्षण से वंचित समाजों को सरकार से सवाल पूछना चाहिए और इसके लिये आंदोलन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजपूत, ब्राह्मण, वैश्य, कायस्थ के साथ ही आरक्षण से वंचित अन्य समाज के बच्चों के साथ वर्तमान सरकार ने धोखा किया है।  हम पिछले 14 साल से लगातार वंचित वर्ग के आरक्षण की लड़ाई लड़ रहे हैं, जिसे यह सरकार स्वीकृति के बावजूद दबाकर बैठी है।

उन्होंने बताया कि मैंने जोधपुर और जयपुर में भी प्रेस वार्ता कर सिंधिया परिवार के ​द्वारा राजस्थान के साथ किये गये अन्यायों का खुलासा किया था कि वायसराय लार्ड कैनिंग ने कहा था कि यदि भारत में ग्वालियर रियासत के सिंधिया वंश ने हमारी मदद की न की होती तो हम भारत में दो दिन भी नहीं टिक पाते।

तिवाड़ी मंगलवार को अजमेर के दौरे पर थे, जहां उनका  मालाओं और ढोल नगाड़ों से स्वागत हुआ। वे भारत वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार अजमेर आए।  तिवाड़ी का घूघरा घाटी पर मालाओं के साथ स्वागत किया गया, जहां से वे कार्यकर्ताओं के साथ वाहन रैली के रूप में इंडोर स्टेडियम, पटेल मैदान पहुंचे। इंडोर स्टेडियम में कार्यकर्ताओं ने  तिवाड़ी को 150 किलो की पुष्प माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। रैली के दौरान ही सेशन कोर्ट के अधिवक्ताओं ने माला पहनाकर ,  स्टेशन के पास मुस्लिम समाज ने तिवाड़ी का सत्कार किया।  इस दौरान भारत वाहिनी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अशोक यादव, प्रदेश कोषाध्यक्ष मुरारी शर्मा, सुदामा शर्मा, कैलाश चंद शर्मा, प्रकाश मुद्गल, कुणाल धवन, कपिल व्यास समेत सैकडों कार्यकर्ता मौजूद थे।

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